भारतीय वायुसेना में शामिल होगा यह लड़ाकू विमान

नई दिल्ली (17 मई): भारत में ही बना लड़ाकू विमान तेजस भारतीय वायुसेना में शामिल होने के लिए तैयार है। ऐसे संकेत एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने तेजस विमान की उड़ान भरने के बाद दिए।

राहा ने कहा कि यह भारतीय वायुसेना में शामिल करने के लिए अच्छा विमान है। राहा इस लड़ाकू विमान को उड़ाने वाले पहले आईएएफ चीफ हैं। आईएएफ के प्रवक्ता विंग कमांडर अनुपम बनर्जी ने बताया, "एयर चीफ मार्शल अरूप ने विमान की क्षमताओं की जांच करने के लिए तेजस प्रशिक्षण विमान (पायलट वर्जन-6) को ग्रुप कैप्टन एम. रंगाचारी के साथ लगभग 30 मिनट तक उड़ाया और एचएएल हवाईअड्डे पर उसे सुरक्षित उतारा।" उप वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल एस.बी.पी. सिन्हा ने सितंबर 2014 में तेजस को उड़ाया था।   यह हैं तेजस की खासियतें: तेजस भारत में ही बना हल्का विमान है। इसे बनाने में 33 साल लगे। इसकी पहली उड़ान 2001 में भरी गई थी। लड़ाकू विमान तेजस का विकास सरकार-संचालित एयरोनॉटिक्स डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) ने किया है और डिफेंस बेहेमोथ हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स (एचएएल) ने इसका निर्माण किया है। चौथी पीढ़ी के विमान के रूप में तेजस 1,350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। यह फ्रेंच मिराज 2000, अमेरिकी एफ-16 और स्वीडिश ग्रिपेन सहित दुनिया के सबसे अच्छे लड़ाकू विमानों से बेहतर है।