मंदिर को हटा कर कहीं और ले जाने के विरोध में घंटों तक एक पैर पर खड़ा रहा

नई दिल्ली (17 फरवरी): तमिलनाडु में एक 63 वर्षीय शख्स ने एक मंदिर को स्थानांतरित किए जाने के फैसले के खिलाफ बेहद अनोखे ढंग से विरोध किया। कोयंबटूर में कॉर्पोरेशन के इस फैसले के विरोध में यह शख्स अपने दोनों हाथों को जोड़कर सिर पर रख एक पैर के बल घंटों तक खड़ा रहा। इस दौरान वह श्लोक भी पढ़ता रहा।

'बिजनेस स्टैंडर्ड' की रिपोर्ट के मुताबिक, दुरई बालन नाम के इस शख्स ने विरोध के समय भगवा वस्त्र पहन रखे थे। दुरई, गांधीपुरम के विनायक मंदिर में सुबह 7 बजे 'तपस्या' में खड़ा हुआ था। इस मंदिर को एक फ्लाईओवर के निर्माण के लिए अपने स्थान से हटाकर कहीं और स्थापित किया जाना है। 

दुरई ने अपने इस विरोध को दोपहर 12 बजे खत्म किया। इस दौरान वह एक ही पैर पर खड़ा रहा और श्लोक पढ़ता रहा। बालन ने बाद में कहा कि वह अपना विरोध फिर से करेगा, जब तक उसकी आवाज सुनी नहीं जाती। साथ ही प्रशासन इसे दूसरी जगह पर स्थापित करने की योजना को रद्द नहीं कर देता।