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चीन तैयार कर रहा है कॉकरोच की फौज, जानिए क्यों

चीन के शहर शानडोंग में लगभग एक अरब कॉकरोचों को रोज लजीज खाने की दावत मिल रही है। इस खाने का वजन है 50 टन यानी सात वयस्क हाथियों के भार के बराबर। जिस कॉकरोच को सेहत का दुश्मन माना जाता है और जिसे भगाने के लिए दवाएं इस्तेमाल की जाती हैं, चीन जैसा देश उन कॉकरोचों को यूं ही नहीं पाल रहा। ये कॉकरोच एक खास रणनीति के तहत पाले-पोसे जा रहे हैं। वे यहां पर वेस्ट मैनेजमेंट का काम कर रहे हैं यानी बाकी बचे खाने को साधने का काम। साथ ही जब वे मरेंगे तो उनका मरा हुआ शरीर भी कई तरह के काम में आने वाला है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 दिसंबर): इस खबर को पढ़ने से पहले आप ये सोच रहेंगे कि कोई देश आखिर कॉकरोचों को क्यों पालेगा, क्योंकि आज हम तक कॉकरोचों से होने वाले नुकसान के बार में ही जान पाए हैं। चीन के शहर शानडोंग में लगभग एक अरब कॉकरोचों को रोज लजीज खाने की दावत मिल रही है। इस खाने का वजन है 50 टन यानी सात वयस्क हाथियों के भार के बराबर। जिस कॉकरोच को सेहत का दुश्मन माना जाता है और जिसे भगाने के लिए दवाएं इस्तेमाल की जाती हैं, चीन जैसा देश उन कॉकरोचों को यूं ही नहीं पाल रहा। ये कॉकरोच एक खास रणनीति के तहत पाले-पोसे जा रहे हैं। वे यहां पर वेस्ट मैनेजमेंट का काम कर रहे हैं यानी बाकी बचे खाने को साधने का काम। साथ ही जब वे मरेंगे तो उनका मरा हुआ शरीर भी कई तरह के काम में आने वाला है।

चीन में कॉकरोच पालन की इस जानकारी का उल्लेख आया है। इसके अनुसार चीन के शानडोंग शहर में अरबों कॉकरोच पाले जा रहे हैं। इसकी वजह है चीन में भारी मात्रा में फूड वेस्ट होना। बचा-खुचे इस खाने की मात्रा इतनी ज्यादा है कि इसका वेस्ट मैनेजमेंट काफी मुश्किल है।

अकेले बीजिंग में रोज लगभग 25 हजार टन खाना बर्बाद होता है, जिसका वेस्ट मैनेजमेंट एक टेढ़ी खीर है। इसके लिए चीन बड़े पैमाने पर कॉकरोच का उत्पादन कर रहा है, जो इस खाने को चट करेंगे। यही नहीं, कॉकरोच के मरने पर उनका शरीर मवेशियों के खाने के काम आएगा और कॉकरोच का इस्तेमाल पेट की बीमारियां दूर करने तथा ब्यूटी प्रोडक्ट बनाने के लिए भी किया जा सकता है।

इस रणनीति के तहत इनका लालन-पालन हो रहा है। शहर में पहुंचते ही अंधेरा होने से कुछ पहले ही इनकी आवाज सुनाई देनी लगती है। रोज दिन शुरू होने से पहले ही शहरभर का बचा-खुचा खाना शानडोंग क्योबिन एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी कॉ के प्लांट में आ जाता है। यहां पर कॉकरोचअपनी सेल (कमरों) में खाने का इंतजार कर रहे होते हैं और पाइपों के जरिए खाना पहुंचते ही मिनटों में लाखों कॉकरोचउसे चट कर जाते हैं।


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