"गांवों में ना हो दिक्कत इसलिए को-ऑपरेटिव बैंकों में तेज से पहुंचा रहे हैं कैश"

नई दिल्ली (15 दिसंबर): संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष के हमले झेलने के बाद केंद्र सरकार ने गांवों में कैश की किल्लत को दूर करने के लिए को-ऑपरेटिव बैंकों में तेजी से कैश पहुंचाने का फैसला किया है।

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने एक प्रेस कांफ्रेंस में इस बात की जानकारी देते हुए कहा है कि अब  को-ऑपरेटिव बैकों में तेजी से कैश पहुंचाया जा रहा है, जिससे गांवों में भी कैश की दिक्कत ना आए। इसी के साथ उन्होंने कहा कि देशभर में एक लाख से ज्यादा ATM को अपग्रेड किया गया है।

शक्तिकांत ने बताया कि बैंक एटीएम की जगह ब्रांच के जरिए ग्राहकों को कैश देने को प्राथमिकता दे रहे है। हालांकि सरकार ने बैंकों से कहा है कि एटीएम में कैश की सप्लाई बढ़ाई जाए। उन्होंने बताया कि अब 500 रुपये के नोटों को भी ज्यादा मात्रा में छापा जाएगा।

- ग्रामीण इलाकों में ज्यादा से ज्यादा नकदी पहुंचाई जा रही है। जहां नकदी की कमी है, वहां ज्वाइंट सेक्टेरी नजर बनाए हुए है।

- पहली बार नए नोट का डिजाइन भारत में तैयार किया गया है। इसलिए इसकी नकल जाली बनाना बेहद मुश्किल है।

- 500 नोट सप्लाई बढ़ने के बाद जिन लोगों ने 2000 के नए नोट को होर्डिंग कर रखा है वो सर्कुलेशन में आएगा।

- 500 के नोट और 50, 20 रुपये अलग-अलग प्रिटिंग लाईन पर छपते है।

- जहां जरूरत पड़ रही है, वहां हवाई जहाज के जरिए नोट लिफ्ट कर पहुंचाया जा रहा है।

- नए नोट की होर्डिंग की लगातार खबर आ रही है, जिसे एजेंसियां पकड़ रही है। यह कार्रवाई पूरा डेटा खंगालने के बाद कारवाई की जा रही है।

- 2 से 3 हफ्ते के अंदर हालात सामान्य हो जाएंगे।

- जो नोट सीज किए जा रहे हैं उसे फौरन सिस्टम में डाला जा रहा।

- जहां नए नोट के सर्कुलेशन मूवमेंट पर नजर रखने के लिए आरबीआई के रीजनल डॉयरेक्टर के साथ ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई की टीम बनाई गई है।

- जिन 60 हज़ार खातों में 1 करोड़ से ज्यादा जमा हुए है, उनपर खुद ही KYC के माध्यम से बैंक जानकारी जुटाकर जांच एजेंसियों को देंगे।

- संदेह ट्रांसेक्शन रिपोर्ट बैंकों की तरफ से ही जांच एजेंसियों को दिया जाता है।

- 100, 50 और 10 के नोट पिछले हफ्ते में पहले के मुकाबले तीन गुना ज्यादा छापे गए हैं।- 80 हजार करोड़ के 100 के नोट छापे गए हैं। ताकि छोटे नोटों की कमी ना हो।- अगले 10-15 में जो नोट छापे गए हैं यानी करीब 50 फीसदी सर्कुलेशन में आ जाएंगे।- बरामद नोटों को लेकर फिगर अभी पुख्ता नहीं है। हमने रिजर्व बैंक और बैंकों से फिगर क्रॉस करने को कहा है।

 - लोकल लेवल पर जांच एजेंसियां को-ऑर्डिनेट कर रही हैं।