CM योगी के निर्देश पर ऑपरेशन क्लीन जारी, यूपी में अबतक मारे गए 15 नामी अपराधी

लखनऊ (16 सितंबर): उत्तर प्रदेश की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य में कानून व्यवस्था को स्थापित करना और अपराध का ग्राफ कम करना था। आंकड़ों के मुताबिक अब धीरे-धीरे राज्य में अपराध का ग्राफ नीचे गिरता नजर आ रहा है। जानकारी के मुताबिक सीएम योगी ने पुलिस को राज्य में कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए हर मुमकिन कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

सीएम योगी के इस निर्देश के बाद पिछले 6 महीन में यूपी पुलिस ने राज्य के 8 जोन के सभी जिलों में 420 मुठभेड़ की, इसमें 1106 अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक 20 मार्च 2017 से 14 सितम्बर 2017 तक की अवधि (लगभग 6 माह) में कुल 420 मुठभेड़ हुईं हैं। इनमें लखनऊ ज़ोन में 07, कानपुर में 44, वाराणसी में 11, आगरा में 84, इलाहबाद में 19, बरेली में 60, मेरठ में सबसे अधिक 193 जबकि गोरखपुर में 02 मुठभेड़ हुई हैं। इन मुठभेड़ों में कुल 1106 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए हैं। जबकि 84 अपराधी घायल हुए हैं, वहीं 88 पुलिसकर्मी भी मुठभेड़ के दौरान घायल हुए हैं। पुलिस ने पुरस्कार घोषित 868 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जबकि 15 अपराधी मारे गए हैं, वहीं एनएसए एक्ट के तहत 54 अपराधी निरुद्ध किए गए हैं। जबकि 14 (1) गैंगस्टर एक्ट के तहत 69 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री बनने के साथ ही योगी ने कहा था की 15 साल की बिगड़ी क़ानून व्यवस्था को सुधारने के लिये कड़े से कड़े कदम उठाना होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी पहली पब्लिक मीटिंग गोरखपुर में कहा था की अपराधी प्रदेश छोड़ दें वरना उन्हें ठोक दिया जायेगा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अपनी पहली ही मीटिंग में CM ने कहा की क़ानून अपने हाथ में लेने वालों को ठोक दो।

मुख्यमंत्री से मिले आदेश के बाद से तो 15 साल से यूपी में रुकी रही एनकाउंटर पॉलिसी को झाड़ पोंछ कर अधिकारीयों ने निकाला और पुलिस का इक़बाल पूरे प्रदेश में स्थापित करने में जूट गौए हैं। इसी का नतीजा है की सूबे में कौन सा ऐसा दिन नहीं होगा जिस दिन 1 दो जिलों में बदमाशों और पुलिस के बीच एनकाउंटर ना हो।