CM योगी से नाराज हुए बाबा रामदेव, बालकृष्‍ण बोले- योगी सरकार काम नहीं कर रही

नई दिल्ली (5 जून): उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने योगगुरु बाबा रामदेव को बड़ा झटका दिया है। योगी सरकार ने ग्रेटर नोएडा में पतंजलि फूड पार्क के लिए अवंटित जमीन को रद्द कर दिया है। योगी सरकार के इस फैसले के बाद बाबा रामदेव को नोएडा में बनने वाले पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क को कहीं और शिफ्ट करना पड़ेगा। योगी सरकार के इस फैसले बाबा रामदेव काफी नाराज बताए जा रहे हैं। रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने इसे निराशाजनक फैसला करार देते हुए कहा कि यूपी में केवल धींगा मस्ती हो रही है काम नहीं हो रहा है। बालकृष्ण ने कहा कि फूड पार्क अब कहीं ओर शिफ्ट किया जाएगा।

न्यूज 24 से खास बातचीत में आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि हम चाहते थे कि यूपी के करोड़ो भाई बहनों के लिए काम करें। केंद्र के फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय ने इसे मंजूरी भी दे दी थी। लेकिन यूपी सरकार ने इस काम को बीच में ही रोक दिया। साइट पर हमने काम शुरू कर दिया था। यह यमुना एक्सप्रेस वे का सबसे बड़ा प्रोग्राम था। लेकिन यूपी सरकार की उदासीनता से यह काम रुक गया। साथ ही उन्होंने कहा कि यूपी सरकार की उदासीनता से केंद्र का काम रुक गया। बालकृष्ण ने कहा कि यूपी में हमने पूरी पेमेंट देकर जमीन ली थी। पिछली अखिलेश सरकार ने इस बारे में पूरी कार्यवाही की थी। लेकिन योगी सरकार ने पता नहीं क्यों इस परियोजना का अधर में लटका दिया। बालकृष्ण ने कहा कि हम योगी जी का सम्मान करते है, उनकी राष्ट्रवादी विचारधारा का भी हम सम्मान करते है। यह काम योगी जी के चलते नहीं, उनके अधिकारियों के चलते रुका है। इसी उदासीनता के चलते हम इसे शिफ्ट कर रहे हैं। बालकृष्ण ने कहा कि यूपी प्रशासन में धींगा मस्ती हो रही है काम नहीं हो रहा है।आपको बता दें कि पिछली अखिलेश सरकार के कार्यकाल में योगगुरु रामदेव को पतंजलि फूड पार्क बनाने के लिए जमीन दी थी। नवंबर 2016 में उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार ने योग गुरु रामदेव प्रवर्तित पतंजलि आयुर्वेद के राज्य में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दे दी थी। इसमें यमुना एक्सप्रेसवे पर 450 एकड़ में फूड पार्क की स्थापना भी शामिल थी। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य में पतंजलि आयुर्वेद के 2,000 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी थी। इसमें ग्रेटर नोएडा में 1,500 करोड़ रपये के निवेश से कृषि प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना का प्रस्ताव भी शामिल थी।इसके लिए करीब 450 एकड़ जमीन की पहचान की गई थी। यह जमीन ग्रेटर नोएडा संयंत्र को आवंटित की गई थी। पंतजलि आयुर्वेद इस जमीन की खरीदा था। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस निवेश प्रस्ताव को इसलिए तेजी से आगे बढ़ाने पर रचि दिखाई जिससे निवेशकों को प्रोत्साहित किया जा सके और रोजगार के अवसरों का सृजन किया जा सके। इससे पहले कंपनी के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की कि जमीन की पहचान का काम अग्रिम चरण में है और यह इकाई यमुना एक्सप्रेसवे के पास लगाई जा सकती है।