प्रयागराज के अकबर किले में लगेगी सरस्वती की प्रतिमा: योगी आदित्यनाथ



न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 दिसंबर): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया है कि प्रयागराज में अकबर के किले के अंदर स्थित सरस्वती कूप लोगों के दर्शन के लिए खोला जाएगा। वहां पर एक सरस्वती प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उनकी प्रतिमा के साथ भारद्वाज ऋषि की प्रतिमा भी लगेगी। माना जा रहा है कि सरस्वती कूप 435 वर्षों से अकबर किले में बंद है और अब यह चार शताब्दी के बाद खोला जाएगा।  




प्रयागराज में 15 जनवरी से कुंभ का आरंभ हो रहा है। कुंभ की तैयारियों के बीच सीएम योगी ने यह बड़ा ऐलान लखनऊ में आयोजित युवा कुंभ में किया है। रविवार को युवा कुंभ के दौरान उन्होंने कहा कि कुंभ के पहले यह सरस्वती की मूर्ति स्थापित हो जाएगी और कुंभ में आने वाले लोग यहां आकर दर्शन कर सकेंगे।  




आपको बता दें कि प्रयागराज के संगम किनारे स्थित यह किला अकबर का किला कहा जाता है। यह किला सेना के कब्जे में है। अधिकारियों की मानें तो किले में सरस्वती प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति सेना ने पहले ही शासन-प्रशासन को दे दी है और वहां मूर्ति स्थापित करने की तैयारियां चल रही हैं।
 





जानकारी के मुताबिक अकबर के किले में सरस्वती कूप के साथ ही अक्षयवट भी है। इसे खोले जाने की मांग 1932 में पहली बार महामना मदन मोहन मालवीय ने उठाई थी। उसके बाद से लगातार कई बार यह मांग उठती रही। हाल ही में प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी यहां पहुंचे थे और उन्होंने किले के अंदर जाकर अक्षयवट के दर्शन किए थे। उन्होंने इस और सरस्वती कूप को पब्लिक के लिए खोलने का ऐलान किया था।  






कहा जाता है कि इस किले को मुगल सम्राट अकबर ने 1583 ईसवी में बनवाया था। किले का कुछ ही भाग पर्यटकों के लिए खुला रहता है। बाकी हिस्से का प्रयोग भारतीय सेना करती है। यहां अक्षय वट के नाम से मशहूर बरगद का एक पुराना पेड़ और पातालपुर मंदिर भी है। विशेषज्ञों की मानें तो सरस्वती कूप को त्रिवेणी की गुप्तधारा मानी जाती है। यह अकबर किले के पश्चिमी हिस्से में स्थित है।  




अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने की मांग पर सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर जरूर बनेगा। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, 'राम मंदिर हम ही बनाएंगे कोई और नहीं बनाएगा। जो लोग राम और कृष्ण को मिथक बताते रहे हैं आज वे लोग जनेऊधारी हो गए हैं। जनेऊ पहनकर वे लोग लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।'