गंगा-यमुना पर संकट आया तो रेगिस्तान बन जायेगा उत्तर भारत: सीएम योगी

नई दिल्ली ( 27 मई ): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने वाराणसी दौरे के दूसरे दिन काल भैरव मंदिर में पूजा की और देश और विश्व के कल्याण की कामना की। उसके बाद वे काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। योगी ने 51 किलो दूध से बाबा विश्वनाथ का रुद्राभिषेक किया। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में एक सभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने गंगा नदी की महत्ता बताते हुए 'नमामि गंगे' योजना की तारीफ की।

सीएम योगी ने बताया कि 2010 में गंगा एक्शन प्लान को राज्यों की सहमति ना मिलने से सफलता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि गंगा यमुना पर जिस दिन संकट आएगा उस दिन उत्तर भारत रेगिस्तान बन जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा की अविरलता को बनाए रखने के लिए 20 हजार करोड़ की 'नमामि गंगे' योजना की शुरुआत की है। योगी ने गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए सलाह दी कि गंगा के किनारे कुंड बनाकर उसमें पूजा का सामान अर्पित करना चाहिए, गंगा नदी में नहीं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सभी नदियों की हालत बेहद खराब है। गंगा तथा यमुना नदी को तो उत्तर प्रदेश की जीवन दायिनी माना जाता है। सीएम योगी ने कहा कि यमुना नदी दिल्ली, आगरा तथा मथुरा में बेहद गंदी है। अगर उत्तर प्रदेश में गंगा तथा यमुना नदी पर जरा भी संकट आया तो उत्तर प्रदेश रेगिस्तान हो जाएगा।

सीएम योगी ने कहा कि गंदगी हमारी पहचान नहीं हो सकती, स्वच्छता हमारी पहचान होनी चाहिए। संबोधन से पहले सीएम ने वाराणसी के मिनी पीएमओ में लोगों से मुलाकात कर उनकी शिकायतें सुनीं। सीएम योगी 27 मई को दिनभर कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे और शाम को लखनऊ लौट जाएंगे।