02 अक्टूबर 2018 तक प्रदेश के सभी गांव खुले में शौच से होंगे मुक्त: सीएम योगी

नई दिल्ली ( 27 मई ): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने वाराणसी दौरे के दूसरे दिन प्रदेश के 25 जिलों की गंगा किनारे की ग्राम पंचायतों के प्रधानों के ‘स्वच्छ गंगा सम्मेलन’ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। सीएम योगी ने स्वच्छ गंगा का आह्वान किया। उन्होंने ग्राम प्रधानों को स्वच्छता का संकल्प दिलाया।


उन्होंने कहा नदी संस्कृति ही भारतीय संस्कृति रही है। उन्होंने आह्वान किया कि हमें भारतीय संस्कृति को बचाना होगा। उन्होंने कहा कि मां गंगा हमारे भारतीय संस्कृति की माता कही जाती हैं। इनके किनारे अनेक तीर्थस्थल हैं। यहां उन्होंने कहा कि गंगा हम सब की मां है।


गंगा को स्वच्छ रखना हम सब की जिम्मेदारी है। सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छ गंगा का सपना केवल पीएम मोदी का सपना नहीं है। उन्हें भारतीय संस्कृति के कारण ही मां गंगा की चिंता है। ये हम सबकी जिम्मेवारी है कि मां गंगा को कैसे स्वच्छ रखा जाए।


प्रधानों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज आप सुनिश्चित करें कि हमें गंगा मां को प्रदूषित होने से बचाना है। उन्होंने कहा गंगा मां जब कोई भी वस्तु फेंकी जाती है तो बहुत तकलीफ होती है। हमें प्रयास करना है कि गंगा मां में कोई व्यक्ति कोई वस्तु ना फेंके।

सीएम योगी ने खुले में शौच पर चिंता जतायी। कहा कि खुले में शौच के कारण बच्चों की मौत हो रही है। स्वच्छ भारत अभियान के राह में इस सबसे बड़ा रोड़ा बताया।


उन्होंने कहा कि हमें ये प्रयास करने होंगे लोग खुले में शौच करने से बचें। गांव गांव में लोगों को जागरूक करना चाहिए जहां शौचालय नहीं बना है वहां ये सुनिश्चित करें वहां शौचालय बने। सीएम योगी ने ओडीएफ गांवो की प्रशंशा की। सीएम योगी ने कार्यक्रम में 25 ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया। सीएम योगी ने कहा कि 02 अक्टूबर 2018 तक प्रदेश के सभी गांव खुले में शौच से मुक्त होंगे।