असम: मुख्यमंत्री का बाढ़ पर रोक के लिए 5000 किमी तटबंध का प्रस्ताव

नई दिल्ली (29 जुलाई): असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री की विशेष बाढ़ और कटान नियंत्रण कार्यक्रम के तहत राज्य के 5000 किमी तटबंध के विकास के लिए असम में बाढ़ का जायजा लेने गई केंद्रीय टीम के सामने प्रस्ताव रखा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर मंगलवार को केंद्रीय टीम असम में बाढ़ से नुकसान का जायजा लेने के लिए असम गई थी। असम में बाढ़ से अब तक 76 लोगों की मौत हो गई और करीब 16 लाख लोग प्रभावति हुए हैं। सरकार का ऐसा दावा है। बाढ़ से बुनियादी ढ़ाचों और फसलों की तबाही हुई है। असम में बाढ़ से दो लाख हेक्टेयर खेती को नुकसान हो गया है। उन्होंने कहा कि सड़क सह तटबंधों के विकास के लिये राज्य के पास संसाधनों की कमी है।

सोनोवाल ने प्रधानमंत्री को बाढ़ के बारे में बताया, जिससे राज्य के समूचे 29 जिलों में 25 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और इसके कारण राज्य प्रशासन को 1,098 राहत शिविर एवं वितरण केंद्र स्थापित करने पड़े।

शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव वी शशांक शेखर की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय टीम के साथ मुलाकात के दौरान सोनोवाल ने सुझाव दिया कि तटबंधों का उपयोग सड़कों के रूप में किया जाना चाहिए ताकि यह न केवल बाढ़ संरक्षण प्रदान करें बल्कि ग्रामीण कनेक्टिविटी भी प्रदान करें।