जयललिता की हालत में नजर आ रहा है सुधार


चेन्नई (3 अक्टूबर): जब तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को अस्पताल में दाखिल करवाया गया था, उनकी पार्टी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) इसी बात को साबित करने में जुटी हुई है कि उनकी हालत गंभीर नहीं है, जबकि डॉक्टरों की तरफ से दिए जाने वाले मेडिकल अपडेटों में बार-बार और काफी अंतर आने की वजह से यह अटकल काफी ज़ोर पकड़े रही है कि उनकी हालत काफी गंभीर है।

अस्पताल से जारी होने वाले बुलेटिन में हर बार का अंतराल खासतौर से राजनैतिक विपक्षियों की ओर से इन अटकलों को जन्म देता रहा कि 68-वर्षीय जयललिता की स्थिति गंभीर रूप से बीमार होने से भी कहीं ज़्यादा खराब है, जिसे उनकी पार्टी एआईएडीएमके के लोग कबूल नहीं कर रहे हैं, और लगातार यही दावा कर रहे हैं कि उन्हें सिर्फ बुखार और डी-हाईड्रेशन की तकलीफ है।

अपोलो अस्पताल ने कहा कि जयललिता की हालत में सुधार है, लेकिन उन्हें कुछ दिन अस्पताल में ही रहने की सलाह दी गई है। इसमें यह भी पुष्टि की गई कि इंग्लैंड से सेप्सिस (sepsis-यह खून में होने वाला संक्रमण है, और गंभीर बीमारी है) के एक विशेषज्ञ पहुंचे हैं, जो उनकी हालत में सुधार पर नज़र रख रहे हैं।