सीएम फडणवीस का ऐलान, महाराष्ट्र खुले में शौच से मुक्त

मुंबई(19 अप्रैल): मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऐलान कर दिया कि महाराष्ट्र खुले में शौच की समस्या से 100 प्रतिशत मुक्त हो गया है। सीएम की इस घोषणा का मतलब यह है कि अब पूरे राज्य में कोई भी कहीं पर भी खुले में शौच करते हुए नहीं पाया जाएगा। 

- मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनकी सरकार की बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि प्रधानमंत्री ने 2019 तक पूरे देश को खुले मे शौच से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन महाराष्ट्र एक साल पहले 2018 में ही राज्य को इस समस्या से मुक्त हो गया है। 

- मुख्यमंत्री ने दावा किया कि महाराष्ट्र को खुले में शौच की समस्या से मुक्त करने के लिए उनकी सरकार के मंत्रियों ने 'मिशन मोड' में काम किया और साढ़े तीन साल में महाराष्ट्र की करीब 351 तहसीलों, 27, 667 ग्रामपंचायतों और 40, 500 गांवों में 60 लाख 41 हजार 138 नए शौचालय बनाए गए। इससे इन तहसील, गांवों में खुले में शौच से मुक्ति मिली। इसमें सार्वजनिक व सामूहिक तौर पर 2, 81,292 शौचालय बनाए गए। 

- मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र को खुले में शौच की समस्या से मुक्त करने के लिए बनाए गए 60 लाख से अधिक शौचालयों को निर्माण पर चार हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च की गई है। उन्होंने कहा कि यह खर्च केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने मिलकर किया है। इसके अलावा राज्य के अलग-अलग जिलों में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग भी किया गया है। 

- मुख्यमंत्री ने कहा कि 2012 में राज्य में किए गए बेसलाइन सर्वे के अनुसार केवल 45 प्रतिशत परिवारों के पास शौचालय की सुविधा उपलब्ध थी। स्वच्छ महाराष्ट्र अभियान के तहत 55 प्रतिशत परिवारों के लिए शौचालय बनाने की बड़ी चुनौती थी। इस चुनौती को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री बबनराव लोणीकर, ग्रामविकास मंत्री पंकजा मुंडे, राज्यमंत्री सदाभाऊ खोत, जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के अपर मुख्य सचिव शामलाल गोयल, राज्य के महिला स्वावलंबी समूह और विद्यार्थियों के सक्रिय सहयोग से पूरा किया गया।