आर या पार? एसपी से अलग नई पार्टी बना सकते हैं अखिलेश

नई दिल्ली(23 अक्टूबर): समाजवादी कुनबे में मची रार को थामने की कोशिशें शनिवार को नाकाम रहने के बाद अब सभी की नजर आज (रविवार को) होने वाली सीएम अखिलेश यादव की बैठक पर है। अखिलेश पार्टी के विधायकों और मंत्रियों से मिलेंगे। 

- बैठक में अखिलेश बड़ा फैसला ले सकते हैं। राजधानी के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि सीएम अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी से बाहर जाने के बारे में भी सोच सकते हैं।

- जानकारी के मुताबिक अखिलेश कैंप की ओर से नया राजनीतिक संगठन लॉन्च किया जा सकता है। हाल ही में दिल्ली में रामगोपाल यादव के चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात के बाद इन अटकलों को और बल मिला है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव खुले तौर पर सीएम अखिलेश यादव के समर्थन में हैं। 

- अखिलेश कैंप के एक मुख्य सदस्य ने कहा, 'यह आखिरी और बेहद दर्द भरा फैसला होगा। हमें जीत का भरोसा है और उम्मीद है कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में नए संगठन के साथ हम सत्ता में आ सकेंगे। हम खुद को समाजवादी विचारधारा के सच्चे उत्तराधिकारी मानते हैं।'

- नई पार्टी के चुनाव चिह्न और नाम को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। अटकलें हैं कि इस नए दल का नाम प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी हो सकता है। पार्टी का चुनाव चिह्न मोटरसाइकल हो सकता है। हालांकि, मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि सारे विकल्पों के खत्म हो जाने के बाद अखिलेश इस मामले में आखिरी फैसला लेंगे।

- अखिलेश के एक समर्थक ने कहा, 'अखिलेश को न केवल विधायकों बल्कि संगठन का भी समर्थन है। हमें इस बात का यकीन है कि अगर अखिलेश पिता और चाचा की छवि से बाहर भी निकलते हैं तो उनकी जीत पक्की है। इसकी वजह उनके द्वारा कराया गया अभूतपूर्वक काम और उनकी साफ सुथरी छवि है।' राजनीतिक जानकारों का भी मानना है कि बहुत सारे सीएम अपने पूरे कार्यकाल में छवि पर दाग लगने से नहीं बच पाए। वहीं, अखिलेश पूरे कार्यकाल में अपनी इमेज को बरकरार रखने में कामयाब रहे हैं।