गुड बाय वाशिंग मशीन्स, अब धूप में अपने आप ही साफ हो जाएंगे कपड़े!

नई दिल्ली (25 मार्च): आपने सोलर एनर्जी के बारे में तो सुना ही होगा। इसके अलावा इसके कई तरह के उपयोगों के बारे में भी। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि धूप के जरिए ही आपके कपड़े अपने आप ही साफ हो जाएं तो?

अगर ऐसा सच हो जाए तो कपड़े धोने की झंझट से आपको पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा। आपको बता दें, अब ऐसा हकीकत में होने जा रहा है। अब धूप की रोशनी के कपड़ों पर एक बार पड़ने से कुछ मिनट के भीतर ही कपड़े खुद ही साफ हो जाएंगे। वैज्ञानिकों ने मिलकर एक कम-कीमत का असरदार तरीका खोजा है, जिससे कपड़ों पर नैनोस्ट्रक्चर्स एक्टिव किए जा सकते हैं, जिससे ऑर्गेनिक मैटर अपने आप ही अलग हो जाते है, जब भी ये प्रकाश के संपर्क में आते है। इन वैज्ञानिकों में कुछ भारतीय भी शामिल हैं।

नैनो-इन्हैंस्ड टेक्सटाइल्स की दिशा में बढ़ा कदम   रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया की आरएमआईटी यूनिवर्सिटी की तरफ से की गई इस रीसर्च ने 'नैनो-इन्हैंस्ड टेक्सटाइल्स' की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता आसान कर दिया है। जो अपने आप ही दाग-धब्बों को साफ कर देता है। ऐसा लाइट बल्ब या धूप के सम्पर्क में लाए जाने भर से किया जा सकता है। इस टीम ने जो प्रक्रिया विकसित की है, उसके कैटेलिसिस आधारित इंडस्ट्रीज़ में कई तरह के प्रयोग शामिल हैं। जिनमें एग्रोकैमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स और नैचुरल प्रोडक्ट्स शामिल हैं। इन्हें आसानी से औद्योगिक स्तर पर लाया जा सकता है।

आरएमआईटी यूनिवर्सिटी के राजेश रामनाथन ने बताया, "टेक्सटाइल्स का एक फायदा है कि ये पहले ही 3डी स्ट्रक्चर में होती हैं। इसलिए ये प्रकाश अवशोषित करने में काफी सक्षम होती हैं। जिससे ऑर्गेनिक मैटर की डीग्रेडिंग की प्रक्रिया में मदद मिलती है।" उन्होंने बताया, "हालांकि, अभी वॉशिंग मशीन्स का उपयोग बंद करने से पहले काफी काम करना होगा। लेकिन यह खोज फुली सेल्फ-क्लीनिंग टेक्सटाइल्स के क्षेत्र में भविष्य के डेवलेपमेंट के लिए मजबूत नींव तैयार करेगी।"

इन रीसर्चर्स में दीपेश कुमार, विपुल बंसल शामिल हैं। टीम ने बताया, "जब नैनोस्ट्रक्चर्स प्रकाश के सम्पर्क में आते हैं। तो उन्हें एनर्जी बूस्ट मिलता है। जो हॉट इलैक्ट्रॉन्स पैदा करते हैं। ये ही हॉट इलैक्ट्रॉन्स एनर्जी का बर्स्ट पैदा करते हैं। जिससे नैनोस्ट्रक्चर्स को ऑर्गेनिक मैटर को डीग्रेड करने में मदद मिलती है।"