खुली नीतीश की पोल, बिहार में इन्हें मिली शराब पीने की इजाजत

नई दिल्ली (5 जुलाई): बिहार के सीएम नीतीश कुमार प्रदेश में शराब बंदी को लेकर लिए गए अपनी सरकार के फैसले पर देशभर में प्रचार करते घूम रहे हैं। लेकिन अब एक आरटीआई ने उनकी यह पोल खोलकर रख दी है।

आरटीआई के जरिए संबंधित विभाग से पूछा गया था कि क्या बिहार में शराबबंदी के बाद शराब का लाइसेंस जारी किया गया है? उत्पाद विभाग ने इसका जवाब हां में दिया। आरटीआई में बताया गया है कि पटना के दीघा इलाके के एक चर्च के फादर को शराब बनाने और उपयोग करने का लाइसेंस दिया गया है।

आरटीआई एक्टिविस्ट नवल किशोर सिंह का कहना है कि शराबबंदी कानून (19A) में चर्च के पादरियों को शराब बनाने और उपयोग करने का अधिकार दिया गया है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद बकायदा एक चर्च के पादरी को शराब बनाने और सेवन करने का लाइसेंस भी जारी किया गया है, जहां आम आदमी को स्प्रीट के इस्तेमाल की इजाजत नहीं है लेकिन सरकार कुछ लोगों को शराब बेचने और सेवन करने की इजाजत दे रही है।

वहीं बिहार सरकार के उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री अब्दुल जलील मस्तान ने इस बात से साफ इंकार किया है उनका कहना है कि कुछ लोग भ्रम फैला रहे है, जो भी शराब का इस्तेमाल करेगा वो जेल जाएगा।