कश्मीर में फिर लौटी हिंसा- सड़कों पर उतरे 'देशद्रोही' पत्थरबाज, लहराए ISIS के झंडे

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (17 फरवरी): कश्मीर को एक बार फिर हिंसा की आग में झोंकने की साजिश रची जा रही है। कश्मीर की सड़कों पर एक बार फिर देशद्रोही पत्थरबाज उतरे हैं। कश्मीर में एक बार फिर पाकिस्तान और ISIS के झंडे लहराए गए हैं और कश्मीर में ये सब हो रहा है पाकिस्तान की शह पर। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने आतंकी संगठनों का साथ मिलकर घाटी को जलाने की साजिश रची है। इसमें उसका साथ दे रहे हैं कश्मीर के कुछ देशद्रोही अलगाववादी संगठन। ये अलगाववादी संगठन जो ना तो 'कश्मीरियत' में यकीन करते हैं और ना ही जम्हूरियत और इंसानियत में। इनका मकसद होता है सिर्फ और सिर्फ घाटी के युवाओं को हिंसा के लिए भड़काना ताकि ये अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकते रहें। इसके लिए इन देशद्रोहियों को मिलता है पाकिस्तान से पैसा। पिछले साल NIA ने अपनी जांच में खुलासा किया था कि इन अलगाववादियों को 2015 में पाक से 38 करोड़ रुपए की फंडिंग हुई थी। इस बार इन अलगाववादियों का मकसद घाटी में हिंसक माहौल पैदा कर पंचायत चुनाव को टलवाना है। हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है जिससे ये खुलासा हुआ।

आर्मी चीफ की चेतावनी के बावजूद सड़कों पर उतरे देशद्रोही... शांत कश्मीर को अशांत करने वाले देशद्रोही पत्थरबाजों को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कड़ी चेतावनी दी है। सेना प्रमुख ने साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि कश्मीर में अगर पत्थर चलाओगे तो गोली खाओगे। जनरल रावत कि ये कड़ी चेतावनी घाटी में उन लोगों के लिए भी है, जो आतंकियों के खिलाफ सेना के ऑपरेशन में बाधा डालते हैं। हालांकि उनके बयान के दूसरे दिन ही पत्थरबाज सड़कों पर उतर गए। ये मुठीभर आतंकियों के मददगार आम कश्मीरियों की आड़ में उतर आते हैं। जिसकी वजह से जवानों को एक अजीबोगरीब हालात से जूझना पड़ता है। जिसका फायदा ये पत्थरबाज उठाते हैं।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने जारी की एडवाइजरी... जम्मू-कश्मीर में आम लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर सरकार ने एक एडवाइजरी जारी की है। जिसमें प्रशासन ने लोगों से आतंकवाद के खिलाफ अभियान वाली जगहों से दूर रहने को कहा है। यह एडवाइजरी आर्मी चीफ के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ अभियानों में रुकावट डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी। श्रीनगर, बड़गाम और शोपियां जिले जो जिहादी गुटों का अड्डा माने जाते हैं में निर्देश दिए हैं कि नुकसान से बचने के लिए लोग उन जगहों के करीब ना जाएं जहां सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो रही हो।

पत्‍थरबाजी के बीच एक एक आतंकी पर मौत बनकर टूटे हमारे जवान... उत्तरी कश्मीर में मंगलवार को बांदीपुरा और हंदवाड़ा में दो भीषण मुठभेड़ हुई। जिसमें लश्कर के खूंखार आतंकी अबु हारिस समेत चार दहशतगर्दो को ढेर किया। मुठभेड़ में सेना के एक मेजर व जम्मू के एक जवान सहित चार सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। बांदीपुरा के हाजिन में जिस वक्त आतंकियों के साथ सेना की मुठभेड़ चल रही थी उसी वक्त वहां पत्थरबाजी हो रही थी जिसका वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि ये देशद्रोही सेना के काफिले पर पत्थरबाजी करते दिखाई दे रहे थे। लेकिन हमारे वीर जवानों ने इन पत्थरबाजों की चिंता किए बगैर एक-एक आतंकी को चुन-चुन कर मार डाला।

कश्मीर में विश्वास बहाली का फायदा उठा रहे देशद्रोही...

    * पत्थरबाजों के प्रति बरती जा रही नरमी सुरक्षा बलों पर भारी पड़ रही है।

    * आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद भड़की हिंसा में कई पत्थरबाज हुए थे गिरफ्तार।

    * पांच माह तक कश्मीर में उपद्रव के दौरान गिरफ्तार अधिकांश पत्थरबाज रिहा हो चुके हैं।

    * कम उम्र के 4506 पत्थरबाजों से मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया जारी है।

    * लेकिन इस बीच ताजा हिंसा में सुरक्षा बलों के 100 से अधिक जवान घायल हो गए।

    * अभीतक पत्थरबाजी के कारण 6 हजार से ज्यादा जवान घायल हो चुके हैं।

300 सक्रिय आतंकियों को बचाने में लगे हैं ये देशद्रोही पत्थरबाज...

    * खुफिया सुत्रों के मुताबिक घाटी में 300 आतंकी सक्रिय हैं।

    * इन आतंकियों ने ग्रामीण इलाकों में शरणस्थली बनाया हुआ है।

    * ये आम जनता में घुल-मिल जाते हैं जिससे इनका पता नहीं लगता।

    * जब सर्च ऑपरेशन चलाया जाता है तो आतंकी बचने के लिए फायरिंग करते हैं।

    * आतंकियों को बचाने के लिए ये देशद्रोही सुरक्षा बलों को पत्थरों से निशाना बनाते हैं।

मंगलवार को बांदीपुरा और हंदवाड़ा में मुठभेड़...

    * उत्तरी कश्मीर में मंगलवार को बांदीपुरा और हंदवाड़ा में दो भीषण मुठभेड़ हुई।

    * जिसमें लश्कर के खूंखार आतंकी अबु हारिस समेत चार दहशतगर्दो को ढेर किया।

    * मुठभेड़ में सेना के एक मेजर व जम्मू के एक जवान सहित चार सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए।

    * मेजर सतीश दाहिया, राइफलमैन रवि कुमार, गनर अशुतोष कुमार, पैराटृ्रपर धर्मेंद्र कुमार।

    * मुठभेड़ में सीआरपीएफ के कमांडेंट समेत 11 सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं।

    * घायल सीआरपीएफ की 45वीं वाहिनी के कमांडेंट चेतन चीता हैं।

    * जिन्हें देर शाम श्रीनगर से दिल्ली के एम्स में शिफ्ट कर दिया गया।

कुलगाम में एनकाउंटर...

    * इस साल का सबसे भीषण एनकाउंटर रविवार को कुलगाम में हुआ।

    * एनकाउंटर में चार आतंकी और और उनके मददगार की मौत हुई।

    * बाद में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में एक शख्स की मौत हो गई।

    * इस मुठभेड़ में हमारे दो जवान भी शहीद हो गए।

    * 33 वर्षीय लांस नायक बी गोपाल सिंह और 31 साल के सिपाही रघुबीर सिंह।

    * गोपाल गुजरात के अहमदाबाद जिले के गोकुल चांद चली चमनपुरा गांव के थे।

    * रघुबीर उत्तराखंड के चमोली जिले के मेखोली गांव के रहने वाले थे।