पश्चिम बंगाल में नहीं थमा हिंसा का दौर, बीजेपी के प्रतिनिधिमण्डल के लौटते ही झड़पें शुरु

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जून): पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का दौर अभी तक थमा नहीं है। बीजेपी का एक प्रतिनिधिमण्डल पश्चिमी बंगाल के दौरे पर था। जैसे ही प्रतिनिधिमण्डल वापस लौटा वैसे ही वहां हिंसा फिर शुरु हो गयी।   जानकारी मिली है कि उत्तरी 24 परगना जिले के भाटपारा में फिर से हिंसा भड़क उठी है, जिसमें कई लोग घायल हो गए हैं। इससे पहले हिंसाग्रस्त इलाके का दौरा करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी भाटपारा पहुंचा। इलाके में धारा 144 लागू होने के बावजूद दो पक्षों में हिंसक झड़प हुई है। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज भी किया।बीजेपी के इस प्रतिनिधिमंडल में पश्चिम बंगाल से सांसद एसएस अहलूवालिया, सत्यपाल सिंह और बीडी राम शामिल हैं। इस प्रतिनिधि मंडल के इलाके का दौरा करके जाने के कुछ देर बाद यह झड़प हुई। जैसे ही प्रतिनिधिमंडल वहां से रवाना हुआ दो समूहों-एक बीजेपी के नेतृत्व वाला, दूसरा तृणमूल कांग्रेस का- में झड़प हो गई और इस दौरान दोनों तरफ से देसी बम चले और पथराव किया गया। इस घटना में कुछ लोग घायल हो गए। गुरुवार को यहां हुई झड़प में दो लोगों की मौत हो गई। दोबारा झड़प होने से थोड़ी देर पहले ही बैरकपुर के पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा ने कहा था, 'स्थिति अब पूरी तरह से काबू में है। पुलिस इलाके में पैट्रोलिंग कर रही है और धारा 144 लगा दी गई है। पुलिस ने भीड़ को भगा दिया है और केस दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है।'मीडिया से बातचीत के दौरान एसएस अहलूवालिया ने कहा, 'एक 17 साल के लड़के को उस वक्त गोली मारी गई, जब वह कुछ खरीदने के लिए जा रहा था। पुलिस ने पॉइंट ब्लैंक रेंज से उसके सिर पर गोली मारी। एक वेंडर की भी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीसरा अस्पताल में है। 7 लोगों को गोली लगी।'उन्होंने कहा, 'पुलिस बदमाशों के लिए लाठी और निर्दोषों पर गोली इस्तेमाल करती है। इसकी जांच होनी चाहिए। पुलिस ने उन्हें गोली मारी और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उन्होंने हवाई फायरिंग का सहारा लिया था। जबकि अगर उन्होंने वाकई ऐसा किया होता तो गोली लोगों के शरीर में कैसे घुसती ? यह दुर्भाग्यपूर्ण है। छोटे वेंडर के परिवार खत्म हो गए।'Images Courtesy:Google