'सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में हिंदी के पक्ष में नहीं हैं चीफ जस्टिस'

 

 

 


नई दिल्ली(11 मई): सुप्रीम कोर्ट और देश की हाईकोर्ट में हिंदी के प्रयोग को लेकर बेशक खूब वकालत की जा रही हो लेकिन केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इसके पक्ष में नहीं हैं। रिजिजू ने मंगलवार को लोकसभा में इसकी जानकारी दी।

रिजिजू ने प्रश्नकाल के दौरान लोकसभा को इसकी जानकारी देते हुुए कहा कि चार राज्यों के हाईकोर्ट में पहले से ही हिंदी में कामकाज हो रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार शामिल हैं। उनका कहना था कि हिंदी में कामकाज को हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के लिए जरूरी नहीं बनाया जा सकता है। इस बाबत चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है।

दरअसल राज्यसभा में एक सरकार से पूछा गया था कि पटना हाईकोर्ट में हिंदी में कामकाज नहीं हाेे रहा है। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री का कहना था कि यह गंभीर विषय है और इस विषय को राज्य के सांसदों को गवर्नर और राज्य के मुख्यमंत्री के समक्ष उठाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंनेे यह भी साफ कर दिया कि केंद्र का मकसद हिंदी समेत दूसरी भाषाओं को भी बराबर स्तर पर बढ़ावा देना है।