कश्मीर: सिविल सोसायटी ने भी सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को नहीं 'पूछा'

नई दिल्ली(7 सितंबर): टूरिजम इकाइयों समेत कश्मीर के कुछ सिविल सोसायटी ग्रुप्स ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में कश्मीर घाटी में पहुंचे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं की थी। इनमें से कुछ का कहना था कि हुर्रियत नेताओं की भागीदारी के बगैर इस तरह की बैठक बेनतीजा है। इन सिविल सोसायटी ग्रुप्स का कहना है कि कश्मीर समस्या से निपटने के लिए सरकार वास्तव में राजनीतिक पहल को लेकर गंभीर नहीं है।

- सरकार ने कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्रीज, बार असोसिएशन, एत्तिहाद-उल-मुसलमीन, कश्मीर होटल ऐंड रेस्ट्रॉन्ट ओनर्स फेडरेशन, कश्मीर हाउसबोट ओनर्स असोसिएशन, ट्रैवल एजेंट्स सोसायटी ऑफ कश्मीर, ट्रेडर्स फेडरेशन आदि इकाइयों को बैठक के लिए बुलाया था। 

- सिंह ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि नेताओं और सिविल सोसायटी के मेंबर्स समेत 300 से भी ज्यादा लोगों ने श्रीनगर में केंद्र सरकार के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। जिन लोगों ने मुलाकात नहीं की, उन्हें इस बैठक से ज्यादा कुछ उम्मीद नहीं थी।

- कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्रीज के प्रेजिडेंट मुश्ताक अहमद वानी ने बताया, 'हमने ऐसे ही लोगों से 2010 में मुलाकात की थी और मेमोरेंडम भी सौंपा था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस बेमतलब के अभियान को दोहराने की क्या तुक है।' 

- कश्मीर के सदर मुफ्ती बशीरउद्दीन ने कहा, 'हमारे कुछ सहकर्मी गिरफ्तार किए गए। बाकी कर्फ्यू के कारण हमसे मिलने नहीं आ सके।' वह एत्तिहाद-उल-मुसलमीन के मुखिया भी हैं, जो 30 से ज्यादा संगठनों का समूह है। बार असोसिएशन के प्रवक्ता ने बताया कि डिविजनल कमिश्नर ने प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए उन्हें फोन पर न्योता दिया, लेकिन असोएिशन ने नहीं जाने का फैसला किया।

- कश्मीर में तकरीबन दो महीने से जारी तनाव के कारण भारी नुकसान झेल रहे टूरिजम खिलाड़ियों का कहना था कि सरकार को बिजनस समुदाय के लोगों के बजाय संबंधित पक्षों से मिलना चाहिए। पर्यटन से जुड़ी कश्मीर की संस्था के प्रेजिडेंट और होटल चेन चलाने वाले जावेद बुर्ज ने कहा, 'उन्होंने इससे जुड़े लोगों से बात कर मसले का हल निकालना चाहिए। वैसे निजी स्तर पर हमें सरकार से कोई शिकायत नहीं है।'