कश्मीर में लोगों की जान बचाकर भी पत्थर खाते हैं हमारे फौजी: पीएम मोदी

नई दिल्ली ( 22 अप्रैल ): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित 11वें सिविल सेवा दिवस के एक कार्यक्रम में नौकरशाहों को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे फौजी कश्मीर में बाढ़ आने पर लोगों की जान बचाते हैं, लोग उनके लिए तालियां बजाते हैं लेकिन बाद में हमारे फौजी पत्थर भी खाते हैं।


पीएम मोदी ने कहा कि सभी को आत्मचिंतन करना चाहिए, इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतनी चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि 20 साल पहले और आज के हालात में काफी अंतर है। मोदी ने कहा कि अफसरों को शक्ति का एहसास होना चाहिए।


उन्होंने कहा, नौकरशाही के सामने कई चुनौतियां हैं। चुनौतियों को अवसरों में बदलना होगा। मुझे अफसरों की जिम्मेदारी का पता है। नौकरशाही को सरकार को रहते दबाव महसूस नहीं होना चाहिए। पिछले 20 सालों में काफी बदलाव आया है। पीएम मोदी ने कहा, मैं चाहता हूं कि एक साल में गुणवत्तापूर्ण बदलाव होना चाहिए। अगर एक्सीलेंसी का ठप्पा नौकरशाही के साथ लगा है तो काम भी उम्दा करना होगा।