PM मोदी का मुरीद हुआ चीन, कहा- पहले से ज्यादा 'दबंग' बन गया है भारत

नई दिल्ली (28 जनवरी): प्रधानमंत्री मोदी का डंका पूरी दुनिया में बोल रहा है। पीएम मोदी के कार्यकाल में भारत की विदेश नीति ज्यादा मुखर और आक्रमक हुई है। प्रधानमंत्री मोदी और भारत की इस सफलता का अब चीन भी लोहा मान रहा है।चीन के प्रमुख सरकारी थिंक टैंक ने माना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के तहत भारत की विदेश नीति आक्रामक और मुखर हो गई है। इसमें जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है। चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज (सीआइआइएस) के वाइस प्रेसिडेंट रोंग यिंग का कहना है कि विगत 3 साल में भारत की कूटनीति चुस्त और निश्चयपूर्ण हो गई है तथा इसने एक विशिष्ट एवं अद्वितीय ‘मोदी सिद्धांत’ स्थापित किया है, जो नई स्थिति में एक महान शक्ति के रूप में भारत के उभार के लिए है।

सीआईआईएस पत्रिका में प्रकाशित एक लेख में रोंग ने चीन, दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के संबंधों, अमेरिका तथा जापान के साथ भारत के करीबी संबंधों पर समीक्षात्मक नजरिया पेश करते हुए कहा कि मोदी के तहत भारत की विदेश नीति पारस्परिक लाभों की पेशकश करते हुए अधिक निश्चयपूर्ण हो गई है। मोदी सरकार पर अब तक चीनी थिंक टैंक का यह अपनी तरह का पहला लेख है। रोंग भारत में चीन के राजनयिक के रूप में भी काम कर चुके हैं। भारत-चीन संबंधों पर रोंग ने कहा कि जब से मोदी सत्ता में आए हैं तब से दोनों देशों के बीच पूर्ण संबंधों के विकास ने ‘नियमित गति’ बरकरार रखी है। 

साथ ही उन्होंने कहा कि उभर रहे बड़े देशों के रूप में भारत और चीन साझेदार तथा प्रतिस्पर्द्धी दोनों हैं। उन्होंने कहा कि सहयोग में प्रतिस्पर्द्धा और प्रतिस्पर्द्धा में सहयोग है। सहयोग और प्रतिस्पर्द्धा का सह-अस्तित्व नियम बन जाएगा। यह भारत-चीन संबंधों की यथास्थिति है जिससे बचा नहीं जा सकता। रोंग ने कहा कि हमें दो नेताओं की रणनीतिक आम सहमति को क्रियान्वित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के विकास के लिए चीन ‘बाधा’ नहीं, बल्कि भारत के लिए एक बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि चीन भारत के उभार को नहीं रोकेगा और न ही रोक सकता है। भारत के विकास के लिए सबसे बड़ी बाधा खुद भारत ही है। रोंग ने कहा कि चीन के लिए भारत एक महत्वपूर्ण पड़ोसी और एक बड़ा उभरता देश, सुधारों की अंतरराष्ट्रीय प्रणाली में सुधार को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण साझेदार है।