भारत की परमाणु शक्ति को बढ़ता देख बौखलाया चीन, पाक के जरिए घेरने की जाहिर की मंशा

नई दिल्ली ( 5 जनवरी ):  भारत की परमाणु शक्ति को बढ़ता देखकर चीन बौखला गया है। चीनी सरकारी मीडिया ने कहा कि भारत की लंबी दूरी की मिसाइलों पर बीजिंग को भारत को संदेश देने की जरूरत है। अगर वह लंबी दूरी की मिसाइलों की संख्या बढ़ाएगा, तो फिर चीन इस क्षेत्र में पाकिस्तान की मदद करेगा। बता दें कि भारत द्वारा सोमवार को परमाणु क्षमता से संपन्न स्ट्रैटजिक मिसाइल, अग्नि-4 का सफल परीक्षण करने के बाद चीनी मीडिया की यह बौखलाहट सामने आई है।

चीनी सरकार द्वारा संचालित ग्लोबल टाइम्स के एक संपादकीय में कहा गया है कि सामान्य रूप से अगर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को कोई आपत्ति नहीं हो तो भारत ऐसी बैलिस्टिक मिसाइलों का निर्माण करने की क्षमता रखता है कि जो पूरी दुनिया को कवर कर सके। इसके अलावा पाकिस्तान की परमाणु मिसाइलों की रेंज भी लगातार बढ़ती जा रही है। जिसके बाद चीन को भी अब इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

संपादकीय में कहा गया है कि भारत ऐसी बैलेस्टिक मिसाइल तैयार करना चाहता है जो दुनिया के किसी भी हिस्से को निशाना बना सके और तब वह यूएनएससी के पांच स्थायी सदस्यों के बराबर आ जाएगा। इसमें आगे लिखा है कि भारत उस रास्ते पर आगे बढ़ रहा है जहां पर यूनाइटेड नेशंस (यूएन) के प्रोटोकॉल को तोड़ने के लिए तैयार है। इसमें लिखा है, भारत ने परमाणु हथियारों और लंबी दूरी की बैलेस्टिक मिसाइल डेवलपमेंट की यूएन की सीमा को तोड़ दिया है। इसके बाद भी भारत परमाणु क्षमता को लेकर संतुष्ट होता नजर नहीं आ रहा है।

भारत की जीडीपी चीन की जीडीपी का 20 प्रतिशत है

इस संपादकीय में लिखा है कि भारत की जीडीपी चीन की जीडीपी का 20 प्रतिशत है और चीन की सैन्य क्षमता भारत से कहीं ज्यादा है। भारत जानता है कि चीन को परमाणु डर दिखाना उसके लिए कितना महंगा साबित हो सकता है। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक चीन तो भारत से अच्छे संबंध चाहता है लेकिन अगर भारत ने कुछ किया जो शांत नहीं बैठेंगे। इसके अलावा इस संपादकीय में कहा गया है कि भारत एक "होनहार" देश है जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए होड़ में एकमात्र उम्मीदवार हैं, जो परमाणु क्षमता और आर्थिक क्षमता है के रूप में सक्षम है।