कल धरती पर गिरेगी चीन की स्पेस लैब, जानें इसके बारे में ये बड़ी बातें


नई दिल्ली ( 31 मार्च ): अनियंत्रित हो चुका चीन का स्पेस स्टेशन तियांगोंग-1 या हेवनली पैलेस जल्द ही पृथ्वी पर गिर सकता है। यह कहना है उन वैज्ञानिकों का जो इस स्पेस स्टेशन की निगरानी कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह कल यानि 1 अप्रैल को पृथ्वी पर गिर सकता है। द तियांगोंग-1 चीन के महत्वकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम का हिस्सा था। इसे चीन के 2022 में अंतरिक्ष में मानव स्टेशन स्थापित करने के लक्ष्य का पहला चरण भी माना जाता है। 

इस घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इससे किसी को कोई नुकसान होगा, बल्कि चीन के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि स्पेस लैब का वापस धरती पर आना एक 'शानदार शो' होगा। इसे साल 2011 में अंतरिक्ष में भेजा गया था और पांच साल बाद इसने अपने मिशन को पूरा कर लिया। इसके बाद यह अनुमान लगाया जा रहा था कि वापस पृथ्वी पर गिर जाएगा। 

करीब 8 टन का यह स्पेस लैब शनिवार से सोमवार के बीच धरती पर गिरेगा, लेकिन इससे किसी को कोई नुकसान नहीं होगा। चायना मैन्ड स्पेस इंजीनियरिंग ऑफिस के मुताबित, ऐसे स्पेस क्राफ्ट उस तरह धरती पर नहीं गिरते जैसा फिल्मों में दिखाया जाता है और फिर खूब नुकसान होता है। बल्कि इस तरह के स्पेसक्राफ्ट जब पृथ्वी पर गिरते हैं तो एक उल्कापात (meteor shower) होता है और यह बहुत ही खूबसूरत नजारा होता है। 

-यह चीन का पहला स्पेस लैब था, जिसे 2011 में लॉन्च किया गया था और तब इसे 'स्वर्ग में राजमहल' का नाम दिया गया। 

-तियांगोंग-1 ने 16 मार्च को आधिकारिक रूप से डेटा भेजना बंद कर दिया और वह अपने जीवन के अंतिम चरण में है। चीन अब इस स्पेस लैब पर नियंत्रण खो चुका है। 

-धरती पर गिरते समय इस स्पेस लैब के ज्यादातर हिस्से जल जाएंगे। इसकी वजह से न तो कोई विमानन गतिविधि प्रभावित होगी और न ही किसी को चोट लगेगी। 

-तियांगोंग-1 की लॉन्चिंग मानवरहित हुई थी, लेकिन इसे इस तरह डिजाइन किया गया था ताकि अन्य यान इससे जुड़ सकें। 

-करीब 216.2 किलोमीटर की औसत ऊंचाई पर अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित है। 

-तियांगोंग-1 ने शेनझोउ-8, शेनझोउ-9 और शेनझोउ-10 अंतरिक्षयान के साथ सफलतापूर्वक काम किया और कई प्रयोग किए। 

-चीन के टियागोंग-1 के धरती पर गिरने से कई जगहों पर डर का माहौल छाया है, लेकिन बता दें कि यह पहला ऐसा मौका नहीं है, जब कोई अंतरिक्ष यान धरती पर गिरेगा। इससे पहले स्काईलैब, सैल्यूट 7 और दुनिया का पहला स्थाई अंतरिक्ष स्टेशन 'मीर' भी अनियंत्रित होकर पृथ्वी पर गिरे हैं, लेकिन किसी का नुकसान नहीं हुआ है।