मोदी ने अपनी सेना को सराहा तो चीन को फिर लगी मिर्ची...!

नई दिल्ली(15 अगस्त): डोकलाम विवाद पर चीनी मीडिया में भारत के खिलाफ बयानबाजी जारी है। चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक इंटरव्यू में कहा गया है कि डोकलाम मुद्दे पर भारत की चीन को ब्लैकमेल करने की कोशिश असफल रही है और अब पेइचिंग का भारत के प्रति नजरिए में भी बदलाव आया है। भारत अब चीन के दोस्त की जगह प्रतिद्वंदी बन गया है। ग्लोबल टाइम्स में शंघाई अकैडमी ऑफ सोशल साइंस के इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरनैशनल रिलेशन्स के रिसर्च फेलो हू जियांग ने अपने साक्षात्कार में कहा, 'पीएम नरेंद्र मोदी का स्वतंत्रता दिवस का भाषण यह दर्शाता है कि वह आम जनता का ध्यान घरेलू परेशानियों से हटाना चाहते हैं, खासतौर पर सुरक्षा के मुद्दे से।

भारत में एक अस्पताल में मारे गए बच्चों समेत कई सारी घरेलू परेशानियां हैं। वह इन मुद्दों से सक्षमता के साथ नहीं निपट पा रहे हैं। ऐसे में भारत शायद यह सोचता हो कि चीन के साथ समस्या खड़ी करके वह घरेलू दिक्कतों से पार पा सकता है। पीएम मोदी ने 71 वें स्वाधीनता दिवस के मौके पर लाल किला के प्राचीर से कहा था, 'हमारे जवानों ने उग्रवाद और युद्ध दोनों समय हमेशा अदम्य साहस का परिचय दिया है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दुनिया ने भी हमारी ताकत का लोहा माना है। राष्ट्रीय सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।'