चीन ने फिर उगला जहर, डोकलाम विवाद के पीछे डोभाल को बताया मास्टरमाइंड

नई दिल्ली (25 जुलाई): डोकलाम विवाद को लेकर चीन ने एक बार फिर जहर उगला है। चीनी मीडिया ने भारत के नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजित डोभाल के चीनी दौरे से पहले एक नया विवाद खड़ा करते हुए उन्हें इस विवाद का मास्टरमाइंड करार दिया है।

डोभाल BRICS के NSAs के सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दो दिन के चीन दौरे पर जाने वाले हैं। इससे पहले चीन के सरकारी मीडिया 'ग्लोबल टाइम्स' ने लिखा, "बॉर्डर विवाद की पूरी रणनीति डोभाल ने ही तैयार की है। विवाद को सुलझाने के लिए पूरे भारतीय मीडिया की नजर डोभाल के दौरे पर टिकी हुई है। अगर डोभाल विवाद सुलझाने के लिए कोई सौदेबाजी करेंगे तो उन्हें निराशा ही हाथ लगेगी। डोभाल को निश्चित रूप से सीमा विवाद हल करने का मौका नहीं मिलेगा।"

क्या है डोकलाम विवाद? - ये विवाद 16 जून को तब शुरू हुआ था, जब इंडियन ट्रूप्स ने डोकलाम में चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि चीन का कहना है कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा है। भारत ने 16 जुलाई को सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि वह इस इलाके में पीछे नहीं हट सकता। डोकलाम में चीन को सड़क बनाने नहीं दिया जाएगा। भारत ने चीन की इस वॉर्निंग को नजरअंदाज कर दिया है कि भारत अपने सैनिक वहां से तुरंत वापस बुला ले, नहीं तो स्थिति और बिगड़ सकती है। - इंडियन डिफेंस मिनिस्ट्री की तरफ से कहा गया है कि जब तक चीन के सैनिक सड़क निर्माण से पीछे नहीं हटते, भारतीय सैनिक नॉन काम्बैट मोड में डोकलाम में डटे रहेंगे। उधर, चीनी मीडिया ने कहा है कि भारत के साथ बातचीत की पूर्व शर्त भारतीय सैनिकों का डोकलाम से पीछे हटना है। इस मामले में मोलभाव के लिए कोई जगह नहीं है।