चीन ने भारतीय सीमा में कब-कब की घुसपैठ...

नई दिल्ली (26 जुलाई): एक बार फिर चीनी सेना ने उत्तराखंड के चमोली में घुसपैठ की है। हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है जब ड्रैगन ने ऐसी हरकत की हो। इससे पहले भी कई बार भारत सरकार ने उसकी इस हरकत पर आपत्त‍ि‍ जताई है।

जून 15, 2016: अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प इटानगर। सीमा पर अतिक्रमण में कमी के दावों के बीच चीनी सैनिकों की ओर से एक बार फिर अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ का मामला सामने आया है। घटना अरुणाचल कामेंग जिले के यांगत्से क्षेत्र की है जहां 250 चीनी सैनिक घुस आए। हालांकि भारतीय सेना ने इन्हें खदेड़ दिया।

मार्च 8, 2016: लद्दाख में चीनी सेना ने फिर की भारतीय सरहदी क्षेत्र में अतिक्रमण की कोशिश 8 मार्च को चीनी सैनिक लद्दाख के पैन्गोंग लेक के पास 6 किलोमीटर अंदर तक घुस आए। इस दौरान वहां गश्त कर रहे आईटीबीपी के जवानों के साथ उनकी तकरार हुई। डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, चीन के 11 सैनिक तीन दिन पहले लद्दाख के सिरजाप इलाके में घुस आए थे। सूत्रों के मुताबिक, वहां तैनात भारत तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों ने चीनी सैनिकों को वहां से लौटने के लिए कहा। चीनी सैनिकों के लौटने से पहले दोनों देशों के जवान कुछ घंटे तक आमने-सामने रहे।

2015 में अब तक चीन ने 150 बार घुसपैठ की जबकि 2014 में 334 बार...

2014 का घटनाक्रम:

15 सितंबर 2014- लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ गया है। चुमुर इलाके में चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों को घेर लिया है। 100 भारतीय सैनिकों को 300 चीनी सैनिकों ने घेर लिया है। 11 सितंबर- घुसपैठ की यह घटना 11 सितंबर को लद्दाख के देमचोक इलाके में हुई। मामले की खबर मिलते ही इंडो-तिब्‍बत बोर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के 70 जवानों को इलाके में तैनात किया गया। 18 अगस्त- भारतीय सीमा में चीनी सैनिकों ने फिर की घुसपैठ, 30 किलोमीटर अंदर गाड़ा झंड़ा- लद्दाख के बर्तसे इलाके में भारतीय क्षेत्र में चीनी सैनिकों के 25 से 30 किलोमीटर अंदर तक घुसने की खबर आई। 20 जुलाई- उत्तराखंड के चमोली जिले से लगी चीन सीमा पर भारतीय क्षेत्र तंजुलापास के पास करीब 15-16 चीनी सैनिक घोड़ों पर सवार होकर घुस आए। 16 जुलाई- चीन के सैनिकों ने जम्मू कश्मीर में लद्दाख सेक्टर के देमचोक और चुमार क्षेत्रों में बीते तीन दिन में दो बार घुसपैठ का कथित रूप से प्रयास किया। 13 जुलाई- घोड़ों पर सवार होकर आए चीन के सैनिकों ने 13 जुलाई को चुमार क्षेत्र के जरिये भारतीय सीमा में प्रवेश का प्रयास किया था और भारतीय सैनिकों ने उन्हे रोका था। 15 जून- चीनी हेलीकॉप्टरों ने अप्रैल और जून में दो बार उत्तराखंड में भारतीय सीमा में प्रवेश किया।

2013 का घटनाक्रम:

5 सितम्बर 2013- चीनी सेना की बड़ी घुसपैठ, LAC पर गश्त से भारतीय फौज को रोका। 23 अप्रैल- Pangong Lake में दिखी चीनी सेना की वोट। 15 अप्रैल- लद्दाख के दौलतबेग ओल्डी क्षेत्र में चीनी सैनिकों को टैंट लगाए पहली बार देखा गया। चीनी सैनिकों के एक शिविर स्थापित करने का पता चलने के तुरंत बाद भारतीय सेना ने इससे पहले पहाड़ी युद्ध में विशेषज्ञ ‘लददाख स्काट्स’ का एक दल दौलत बेग ओल्डी सेक्टर भेजा था। 16 अप्रैल- विदेश मंत्रालय में पूर्वी एशिया मामलों के संयुक्त सचिव ने भारत-चीन सीमा मामलों पर बने विशेष तंत्र के तहत अपने चीनी समकक्ष से बात की। मंत्रालय के पूर्वी एशिया मामलों के संयुक्त सचिव गौतम बम्बावाले ने चीन। 17 अप्रैल- भारतीय सैनिकों का दूसरा गश्ती दल रवाना किया गया। भारतीय दल ने निर्धारित प्रक्त्रिया के तहत बैनर दिखाकर चीनी सैनिकों को लौटने को कहा। 18 अप्रैल- भारतीय सेना के बुत्र्से कैंप के नजदीक चीनी सेना की टेंट पोस्ट में पीएलए फौजियों की संख्या बढ़कर 30 हो गई। 25 अगस्त 2011 को चीन के दो हेलीकॉप्टरों ने भारतीय वायु क्षेत्र में डेढ़ किलोमीटर अंदर तक प्रवेश किया। करीब एक दर्जन पीएलए सैनिकों के उतरने और खंदकों को नष्ट करने के बाद ये हेलीकॉप्टर उतरे। 7 सितंबर 2009- चाइनीज अतिक्रमणः भारत सीमा के अन्दर लदाख क्षेत्र के पास की वह चट्टान जहाँ पर चीन ने अपना नाम लिख रखा है।