बायकॉट से बौखलाया चीन, कहा बिगड़ेंगे रिश्ते, निवेश का भी होगा नुकसान

दिल्ली (27 अक्टूबर): आतंकी पाकिस्तान का साथ देने पर चीन के खिलाफ पूरे भारत में गुस्सा है और त्योहारों के इस मौसम में लोग खुल का चीनी सामानों का बहिष्कार कर रहे हैं।चीनी सामानों की बिक्री में 45 फीसदी से ज्यादा की कमी आ गई है। इससे चीन पूरी तरह से बौखला गया है। पहले तो उसने अपने सरकारी अखबार में भारत के खिलाफ गालीगलौज की और अब खुद चीन सरकार मैदान में आ गई है। चीन ने चेतावनी दी है कि अगर बहिष्कार अभियान ने गति पकड़ी, तो इसका असर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध और भविष्य में होने वाले निवेश पर पड़ सकता है। 

 

नई दिल्ली में चीनी दूतावास के प्रवक्ता झी लियान ने गुरुवार को कहा कि सामान के बॉयकाट का नकारात्मक असर भारत में चीन उद्यमों के निवेश पर पड़ रहा है। इससे द्विपक्षीय सहयोग भी प्रभावित हो रहा है जो न तो चीनी अवाम चाहती है और न ही भारतीय यह देखना चाहेंगे। लियान ने कहा कि चीनी सामान का बॉयकाट दिवाली से संबंधित उत्पादों तक सीमित नहीं है। बल्कि इसका दायरा बढ़ रहा है। दीर्घकाल में बॉयकाट न केवल चीनी उत्पादों की ब्रिकी को प्रभावित करेगा, बल्कि भारतीय उपभोक्ता बाजार पर भी नकारात्मक असर डालेगा।

चीनी प्रवक्ता ने कहा, बिना किसी बिकल्प के इस तरह के अभियान का सबसे अधिक खामियाजा भारतीय कारोबारियों और उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा। गौरतलब है कि भारत चीन का दक्षिण एशिया में सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार है। दोनों देशों के बीच वर्ष 2015 में करीब 71 अरब डॉलर का कारोबार हुआ, जिसमें भारत 50 अरब डॉलर के घाटे में रहा।  

 

इससे पहले पिछले कई सालों से दिवाली के मौके पर चीनी सामानों की जमकर खरीदारी होती थी। इस बीच, गुरुवार को चीन ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा है कि उसके सामानों का बहिष्कार करने से दोनों देशों के संबंधों और निवेश पर असर पड़ सकता है। नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता जी लियान ने कहा, “चीन इस तरह के बहिष्कार से चिंतित है, इसका चीनी इन्टरप्रेन्यूर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, इसके साथ ही दोनों देशों के बीच के संबंध और निवेश पर भी उसका असर पड़ सकता है जो चीन और भारत दोनों देशों के लोग देखना पसंद नहीं करेंगे।”