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भारत, चीन और पाक क्यों नहीं कर सकते समिट: चीनी एंबेसडर

भारत में चीन के राजदूत ल्यू झाओहुई ने भारत और पाकिस्तान के साथ मिलकर एक त्रिपक्षीय समिट का प्रस्ताव सामने रखा है। कई मौकों पर पाकिस्तान का बचाव करने वाले चीन ने कहा कि चीन-भारत-पाकिस्तान की त्रिपक्षीय समिट का आयोजन होना चाहिए। चीनी एंबेसडर ने सोमवार को बयान दिया कि हाल ही में भारत और पाकिस्तान शंघाई कॉरपोर्शन ऑर्गनाइजेशन (SCO) का हिस्सा बने हैं ऐसे में ये मंच भारत और पाकिस्तान को करीब लाने में मदद कर सकता है।

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 18 जून ): भारत में चीन के राजदूत ल्यू झाओहुई ने भारत और पाकिस्तान के साथ मिलकर एक त्रिपक्षीय समिट का प्रस्ताव सामने रखा है। कई मौकों पर पाकिस्तान का बचाव करने वाले चीन ने कहा कि चीन-भारत-पाकिस्तान की त्रिपक्षीय समिट का आयोजन होना चाहिए। चीनी एंबेसडर ने सोमवार को बयान दिया कि हाल ही में भारत और पाकिस्तान शंघाई कॉरपोर्शन ऑर्गनाइजेशन (SCO) का हिस्सा बने हैं ऐसे में ये मंच भारत और पाकिस्तान को करीब लाने में मदद कर सकता है। चीन के एंबेसडर ने कहा कि जब चीन, रूस और मंगोलिया शिखर बैठक कर सकते हैं, तो भारत, चीन और पाकिस्तान क्यों नहीं।भारत और चीन के रिश्तों पर चीनी एंबेसडर Luo Zhaohui ने कहा कि भारत और चीन पड़ोसी हैं इसलिए दोनों में दोस्ती होना जरूरी है। भारत को चीन के साथ दोस्ती की 10 साल की एक संधि करनी चाहिए और हमने इसके लिए नई दिल्ली को एक ड्राफ्ट भी सौंपा है। उन्होंने कहा कि हम लोग एक और डोकलाम जैसी स्थिति नहीं देख सकते हैं।चीनी एंबेसडर ने कहा है कि इसी साल बीजिंग में दोनों देशों के बीच बॉर्डर को लेकर वार्ता होगी। वहीं दोनों देशों के विदेश मंत्री जल्द ही मुलाकात भी कर सकते हैं। इसके अलावा रक्षा मंत्रियों की भी मुलाकात होनी है।चीनी एंबेसडर ने गिनाया क्यों भारत-चीन की दोस्ती जरूरी है। हम दो अहम पड़ोसी जो एक-दूसरे से दूर नहीं भाग सकते। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे बीच बॉर्डर को लेकर विवाद, दोस्ती से ही दूर हो सकता है। हमें कहा कि कुछ शक्तियों की ताकतों का हमें सामना करना है। हमारे पास बेस्ट हार्डवेयर और आपके पास बेस्ट सॉफ्टवेयर।उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति में शी जिनपिंग की नीति की झलक दिखती है। हमें दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों का संबंध, बड़े अधिकारियों के संबंध को बढ़ाना चाहिए। हम आगे भी भारतीय यात्रियों को कैलाश मानसरोवर आने के लिए हर संभव सहायता करेंगे।

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