इस्लामाबाद पर बीजिंग का कब्जा, नवाज़ को सबक सिखाने आ रहे चीनी उप प्रधानमंत्री

नई दिल्ली (4 फरवरी): 56 बिलियन डॉलर के कर्ज के साथ ही चीन ने पाकिस्तान के प्रशासनिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप शुरु कर दिया है। चीन की इस कार्रवाई से सीनेटरों की आशंका सही साबित होती जा रही है। बीते साल नवंबर-दिसंबर में सीनेटरों ने नवाज़ शरीफ सरकार को चेतावनी दी थी कि ईस्ट इंडिया कंपनी की तर्ज पर पाकिस्तान को गुलाम बनाने जा रहा है। उस वक्त नवाज़ शरीफ ने सभी सीनेटरों की आवाज़ को दबा दिया। अब आतंकवादियों पर कार्रवाई के बहाने शी जिन पिंग नवाज़ शरीफ पर अंकुश कसने जा रहे हैं। पहले शी जिनपिंग ने आतंकी हाफिज़ सईद को गिरफ्तार करवाया और अब आतंकियों पर कार्रवाई के लिए अपने उप प्रधानमंत्री शेंग ग्वोपिंग को इस्लामाबाद भेज रहे हैं। ग्वोपिंग 6फरवरी को इस्लामाबाद पहुंचेगें और 9 फरवरी तक रहेंगे। उसके बाद उनका एक नुमाइंदा आतंकी गतिविधियों पर पाकिस्तान सरकार का दिशा-निर्देशन करेगा और सीधे चीन सरकार को रिपोर्ट करेगा। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने शेंग ग्वोपिंग के इस्लामाबाद जाने की पुष्टि की है। बाकी बातों का गोलमोल जवाब दिया। पाकिस्तानी सरकार के रोजमर्रा के कामकाज में दखल बढ़ने की खबरों से आतंकी सरगना हाफिज सईद भी वाकिफ था। इसीलिए उसने नजरबंदी से पहले चीन के खिलाफ आग उगलना शुरु कर दिया था। लेकिन आईएसआई के दवाब के कारण उसने सफाई भी दी थी। अब कहा जा रहा है कि हाफिज़ की नजरबंदी ट्रंप का दबाव नहीं बल्कि चीन के बढ़ते दखल का नतीजा है।