डोकलाम की खीझः चीनी एयरलाइंस ने किया इंडियन पैसेंजर्स के साथ अभद्र व्यवहार

नई दिल्ली (14 अगस्त): भारत ने शंघाई पुदोंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक चीनी एयरलाइन के कर्मचारियों द्वारा भारतीयों के साथ किए गए दुर्वयवहार का मामला चीन के समक्ष उठाया है। एक भारतीय यात्री ने यह शिकायत दर्ज कराई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संज्ञान में लाए जाने के बाद यह मामला चीनी विदेश मंत्रालय के शंघाई विदेश मामलों के ऑफिस और पुदोंग एयरपोर्ट अथॉरिटी के सामने उठाया गया। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने कहा कि इसी बीच, चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि संबंधित सामग्री और एयरपोर्ट की सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पाया गया कि घटना से जुड़ी खबरें तथ्यों के अनुरूप नहीं हैं।

एयरलाइन ने बयान में कहा कि एयरलाइन के कर्मचारियों ने तो शानदार सेवा दी। इससे पहले मीडिया में आई खबरों में कहा गया था कि नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी असोसिएशन के कार्यकारी निदेशक सतनाम सिंह चहल ने सुषमा को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि उन्होंने देखा कि विमान से व्हीलचेयर यात्रियों को निकालने के लिए बने एग्जिट गेट पर ग्राउंड स्टाफ भारतीय यात्रियों का अपमान कर रहे थे।

छह अगस्त को चहल ने नयी दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जाने के लिए चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस की फ्लाइट ली थी। उन्हें सैन फ्रांसिस्को जाने वाला विमान लेने के लिए शंघाई पुदोंग एयरपोर्ट पर रूकना पड़ा था। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने संबंधित एयरलाइन से शिकायत की तो अधिकारी उनपर चिल्लाने लगा। चहल के पत्र के हवाले से कहा गया कि मैंने उनकी शारीरिक भाव—भंगिमा पर गौर किया कि वे भारत और चीन के बीच बढ़ रहे सीमा विवाद से कुंठित थे। यहां वह डोकलाम इलाके में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच लगभग दो माह से चल रहे गतिरोध की ओर इशारा कर रहे थे। चहल ने सुषमा से यह भी सुझाव दिया कि वे भारतीय यात्रियों को परामर्श जारी करें कि वे चीन के रास्ते होकर जाने से बचें। पिछले माह, चीन ने भारत में अपने नागरिकों को एक सुरक्षा परामर्श जारी करके कहा था कि वे मौजूदा चीन—विरोधी भावनाओं से प्रभावित होने से बचने के लिए अपनी सुरक्षा पर अधिक ध्यान दें और ऐहतियात बरतें।