चीन के वन बेल्ट वन रोड प्रॉजेक्ट से खतरे में होगी कई देशों की संप्रभुता: अमेरिका

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 जनवरी): अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि चीन के वन बेल्ट बेन रोड प्रॉजेक्ट में बंपर निवेश करने से वह अन्य देशों की जमीन पर सैन्य और रणनीतिक बढ़त हासिल कर लेगा। यह गलियारा जिन देशों से होकर गुजरेगा, उन पर नकारात्मक आर्थिक प्रभाव पड़ेंगे और संप्रभुता खतरे में होगी।

'चीन की बढ़ती वैश्विक पहुंच का अमेरिका पर असर' शीर्षक से लिखे गए लेख में कहा गया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग इस प्रॉजेक्ट के तहत चीन की विस्तारवादी नीति को लेकर चिंतित है। इससे सदस्य देशों की संप्रभुता पर खतरा है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की रक्षा नीति के लिहाज से भी यह चिंताजनक है।

बीते 24 घंटे में चीन पर पेंटागन की यह दूसरी रिपोर्ट है। रिपोर्ट में कहा गया, 'वन बेल्ट वन रोड प्रॉजेक्ट के तहत कुछ निवेश ऐसा भी होगा, जिससे चीन को सैन्य बढ़त मिल सकती है। लॉजिस्टिक सपॉर्ट के लिए चीन विदेशी बंदरगाहों पर जरूरी पहुंच बनाएगा। हिंद महासागर, भूमध्य सागर और प्रशांत महासागर में वह अपनी नौसैन्य क्षमता बढ़ा सकेगा।'

पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में ऐसे 17 मामलों का जिक्र किया है, जिनमें यह बताया गया है कि कैसे चीन के निवेश और परियोजनाओं ने रेग्युलर मेकेनिज्म को प्रभावित किया है और इससे संबंधित देशों की इकॉनमी पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। पेंटागन ने कहा, 'चीन दूसरे देशों के फैसलों में वीटो पावर हासिल करने का प्रयास कर रहा है। यह स्थिति कुछ अमेरिका के सहयोगी देशों के साथ भी है, जो यूएस के लिए एक चुनौतीपूर्ण हालात है।'