मोदी के इस कदम से घबराकर चीन ने बोली ये बड़ी बात

नई दिल्ली (18मई): भारत-मंगोलिया संयु्क्त सैन्य अभ्यास के दबाव में आये चीन ने कहा है कि वो अब एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध नहीं करेगा। बल्कि उसने अब यह कहा कि भारत की सदस्यता का दावा और कैसे मजबूत हो, इसके लिए चीन अन्य देशों के साथ काम करेगा।

अभी कुछ दिन पहले चीन ने कहा था कि भारत के साथ पाकिस्तान को भी समूह में आना चाहिए अन्यथा भारत को भी इसकी सदस्यता नहीं मिलनी चाहिए, और अगर भारत को एनएसजी की सदस्यता दी जाती है तो विरोध में वीटो का इस्तेमाल करेगा। न्यूक एलीट क्लब में भारत के प्रवेश पर चीन की आपत्ति पर ली ऊ झेनमिन ने कहा  यह सच नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि एनएसजी सदस्यता कोई नया मुद्दा नहीं है। यह कई वर्षों से चल रहा मुद्दा है। इसे एनपीटी सदस्यों के साथ एकसाथ मिलकर सुलझाना चाहिए।

हालांकि न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में भारत के प्रवेश को अमरीका ने समर्थन किया है। चीन के इस ताजा बयान पर पाकिस्तान की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। कल ही यूएन में पाकिस्तान की प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने भारत के खिलाफ शिकायत दर्ज करवायी थी। उसका भी माकूल जवाब भारत ने दिया है। अब चीन के रुख बदलने से पाकिस्तान सरकार में बौखलाहट जाहिरा तौर पर होगी।