इस गांव में हर कोई कमाता है 80 लाख रुपए

नई दिल्ली(11 फरवरी): पैसा कमाना किसकी शौक नहीं होता है। महंगी गाड़ी, आलीशान बंगला, बेहतर शिक्षा ये सब पाने के लिए काफी पैसे खर्च करने होते हैं, लेकिन अगर बिना मेहनत के भी आपको अगर ये सब चीज मिले तो इससे बड़ी बात क्या हो सकती है। 

जी हां चीन के हुआझी गांव में रहने वाले लोगों के साथ कुछ ऐसा ही है। ये गांव चीन के उत्तरी तट के पास बसे जियांगयिन शहर में है और पूरे देश में सबसे अमीर कृषि गांव है। इस गांव में रहने वाले सभी 2000 रजिस्टर्ड लोगों की सलाना आमदनी एक लाख यूरो (करीब 80 लाख रुपए) है।

हुआझी गांव आज एक सफल समाजवादी गांव का मॉडल पेश कर रहा है। हालांकि, शुरुआती दौर से गांव की तस्वीर ऐसी नहीं थी। 1961 में स्थापना के बाद यहां कृषि की हालत बहुत खराब थी। लेकिन गांव की कम्युनिस्ट पार्टी कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रहे वू रेनवाओ ने इस गांव की सूरत ही बदल दी।

वू ने औद्योगिक विकास की योजना के लिए पहले गांव का निरीक्षण किया और फिर एक मल्टी सेक्टर इंडस्ट्री कंपनी बनाई। उन्होंने सामूहिक खेती की प्रणाली का नियम बनाया। इसके साथ ही 1990 में कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराया। गांव के लोगों को कंपनी में शेयरधारक बनाया गया।

गांव की स्टील, सिल्क और ट्रेवल इंडस्ट्री खास तौर पर विकसित हैं और इसने 2012 में मुख्य रूप से 9.6 अरब डॉलर के फायदे का योगदान दिया। गांव के लोगों के लाभ का हिस्सा कंपनी में शेयर होल्डर निवासियों के बीच बांटा जाता है। एक वेबसाइट के मुताबिक, उनके सकल वार्षिक आय का एक बड़ा हिस्सा यानी 80% टैक्स में कट जाता है, लेकिन इसके बदले में रजिस्टर्ड नागरिकों को बंगला, कार, मुफ्त स्वास्थ्य सुरक्षा, मुफ्त शिक्षा, शहर के हेलिकॉप्टर का मुफ्त इस्तेमाल के साथ ही होटलों में मुफ्त खाने की सुविधा भी मिलती है।