मसूद अजहर पर अमेरिका-चीन आमने सामने, भारत ने की चीन से बात

नई दिल्ली ( 7 फरवरी): पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान पर दबाव बढ रहा है। अब ब्रिटेन और फ्रांस के साथ अमेरिका ने पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड और पाकिस्तान स्थित संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने को लेकर संयुक्त राष्ट्र का रुख किया लेकिन चीन ने फिर इसका विरोध कर दिया है।

मसूद को संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित किये जाने के भारत के प्रयास को चीन द्वारा ‘ब्लॉक’ किये जाने के महज कुछ सप्ताह बाद अमेरिका द्वारा लाये गये प्रस्ताव को चीन ने ‘स्थगित’ कर दिया। इसके बाद भारत ने इस मुद्दे को चीन के समक्ष उठाया। सरकारी सूत्रों के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के दो अन्य स्थायी सदस्यों ब्रिटेन और फ्रांस के समर्थन के साथ अमेरिका ने अजहर को प्रतिबंधित करने के लिए पिछले महीने के दूसरे पखवाड़े में संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति 1267 के समक्ष प्रस्ताव पेश किया।

सूत्रों ने बताया कि वाशिंगटन और नयी दिल्ली के बीच ‘विचार-विमर्श’ के बाद इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया गया था। इसके मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन है, ऐसे में इसके नेताओं को प्रतिबंध से मुक्त नहीं रखा जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने से एक दिन पहले यह प्रस्ताव पेश किया गया था। उन्होंने बताया, ‘प्रस्ताव को स्थगित कर चीन ने अमेरिकी कदम का विरोध किया।’ उनके मुताबिक किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार करने या ब्लॉक करने या स्थगित करने की दस दिन की समयसीमा के खत्म होने से तुरंत पहले चीन ने यह कदम उठाया।

इस बारे में भारत की प्रतिक्रिया के पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा है कि इस घटनाक्रम की हमें जानकारी दी गई है और हमने इस मसले पर चीन से बात की है। इससे पहले भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कराने की पहल की थी, लेकिन चीन ने भारत के प्रस्ताव को ब्लॉक कर दिया था।