दबाव में चीन, उत्तर कोरिया से की ये अपील

नई दिल्ली ( 6 अगस्त ): संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के एक्सपोर्ट पर पाबंदी और वहां निवेश की सीमाएं तय करने वाले अमेरिका के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइल परीक्षणों के बाद कोरियाई देशों में तनाव बना हुआ था जिसे देखते हुए यह संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने यह फैसला किया है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया पर उसके मिसाइल कार्यक्रम के आरोप में नए प्रतिबंध लगाने की मंजूरी दी है जिससे चीन ने भी सहमति जताई है। चीन ने संयुक्त राष्ट्र के इस फैसले का स्वागत किया है। चीन ने उत्तर कोरिया से मिसाइल परीक्षण पर रोक लगाने के लिए कहा था। 

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने विवादास्पद परमाणु कार्यकमों के कारण पहले से ही अलग थलग पड़े मित्र देश उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र के नए कड़े प्रतिबंध लगने के बाद उससे ‘होशियारी भरे' निर्णय लेने की अपील की है।

फिलीपीन की राजधानी मनीला में क्षेत्रीय सुरक्षा फोरम के पहले उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री होंग यू से प्रतिबंधों पर चर्चा के बाद वांग ने संवाददाताओं से कहा, ‘यह डीपीआरके को सही और समझदारी भरे निर्णय लेने में सहायता करेगा।'

हालांकि वांग ने बताया कि किम जोंग उन के शासन के खिलाफ अमेरिका के सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला होने के बाद मुद्दे के हल के लिए बातचीत चल रही है। वांग ने कहा, ‘कोरियाई प्रायद्वीप के मुद्दे को हल करने के लिए बातचीत ही उचित रास्ता है।' मनीला में 10 आसियान राष्ट्रों की बैठक के लिए आए अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने उत्तर कोरिया पर दबाव बनाने की मांग की है।

बता दें अमेरिका के प्रस्ताव में नकदी पर निर्भर उत्तर कोरिया से मछलियों और सीफूड के साथ-साथ कोयला, लोहा के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। सुरक्षा परिषद की ओर से उत्तर कोरिया पर लगाए गए नए प्रतिबंधों का असर उसके तीन अरब डॉलर राजस्व वाले वार्षिक निर्यात कारोबार पर पड़ेगा। ऐसा माना जा रहा है कि नई पाबंदियों से उत्तर कोरिया का एक अरब डॉलर का व्यापार पूरी तरह से ख़त्म हो सकता है।


15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद ने अमेरिका की ओर से तैयार किए गए एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। साथ ही ये प्रस्ताव रुस और चीन जैसे कई देशों में काम कर रहे नॉर्थ कोरियाई मजदूरों की मौजूदा तादाद में बढ़ोतरी करने से रोकता है। इसके अलावा इस प्रस्ताव में उत्तर कोरिया के साथ नए ज्वाइंट वेंचर्स की शुरुआत करने और मौजूदा ज्वाइंट वेंचर्स में किसी भी तरह के निवेश पर रोक लगाई गई है