चीन की तबाही तय, अमेरिका ने कसा शिकंजा

नई दिल्ली ( 22 जुलाई ): अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चीन को लेकर आक्रामक रूख अख्तियार कर लिया है। अब डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम से चीन की बेचैनी बढ़ गई है। ट्रंप ने दक्षिण चीन सागर में अपनी नौसेना को 'फ्री हैंड' दे दिया है जिससे यहां अपनी सैन्य मौजूदगी को बढ़ाने में लगे चीन पर दबाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस कदम को दक्षिण चीन सागर के ज्यादातर हिस्सों पर पेइचिंग के दावे को चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। दक्षिण चीन सागर के एक बड़े हिस्से पर चीन के अतिरिक्त 5 दूसरे देश वियतनाम, मलयेशिया, इंडोनेशिया, ब्रुनेई और फिलिपिंस अपना दावा करते हैं। 

अमेरिका का यह कदम चीन की विस्तारवादी नौसेना को दक्षिण चीन सागर में ही उलझाकर रखेगा। इससे भारत और जापान जैसे दूसरे देशों के साथ सीमा विवाद के मसले पर चीन पर दबाव बढ़ेगा, वह भी ऐसे समय में जब सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी अपने कॉन्क्लेव की तैयारी में लगी हुई है जिसमें कई बड़े राजनीतिक बदलाव होने वाले हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस की तरफ से पेश किए गये प्लान के मुताबिक अमेरिकी नौसेना के जहाज पूरे एक साल तक दक्षिण चीन सागर में मौजूद रहेंगे। अमेरिकी नौसेना को पिछले ओबामा प्रशासन के मुकाबले और ज्यादा आजादी मिलेगी।

चीन दक्षिण चीन सागर को लेकर हेग स्थित इंटरनेशनल कोर्ट में अपना केस हार चुका है। इंटरनेशनल कोर्ट ने पेइचिंग के दावे को गैरकानूनी और अतिक्रमण वाला बताया था। लेकिन चीन ने इंटरनेशन कोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया। वि