'मेक इन इंडिया' के लिए डॉनल्‍ड ट्रंप चुनौती- चीनी

बीजिंग (29 जनवरी): डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका और चीन के रिश्ते में और तल्खी बढ़ गई है। चीनी मीडिया की माने तो ड्रैगन अमेरिका से संभावित युद्ध की तैयारी में अभी से जुटा है। इस तल्खी के चीनी मीडिया ने दावा किया है कि भारत की महत्वाकांक्षी योजना 'मेक इन इंडिया' के लिए डॉनल्‍ड ट्रंप सबसे बड़ी चुनौती है।

चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स की रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका के नए राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे अहम कदमों में से एक 'मेक इन इंडिया' को चुनौती का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा ट्रंप दूसरे देशों को लेकर जो नीतियां अपनाएंगे, उसका असर भारत पर होगा।

ग्‍लोबल टाइम्‍स ने ट्रंप प्रशासन के दौरान अगले चार साल के भीतर भारत और अमेरिका के संभावित रिश्‍तों पर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पिछले कुछ सालों में भारत और अमेरिका के रिश्‍तों में लगातार प्रगति हुई है। ऐतिहासिक तौर पर रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े राष्‍ट्रपतियों को भारत-अमेरिकी संबंधों के लिए बेहतर समझा जाता है। हालांकि, बराक ओबामा (डेमोक्रैटिक पार्टी से जुड़े) ने अपने कार्यकाल के दौरान भारत पर काफी ध्‍यान दिया।'

रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप अपने देश में संरक्षणवादी नीतियों को जारी रखते हुए भारतीय बाजार तक ज्‍यादा पहुंच का आग्रह कर सकते हैं। उनके इस कदम से उन कंपनियों को नुकसान पहुंचेगा जो भारत और भारतीय एक्‍सपोर्टर्स के लिए आउटसोर्सिंग करती हैं, खासकर आईटी और फार्मास्‍युटिकल्‍स सेक्‍टर। फिलहाल, शिक्षित और तकनीकी तौर पर कुशल लोगों की तादाद के मामले में भारत दुनिया के प्रमुख देशों में एक है और इस कारण यह देश कई बड़ी अमेरिकी कंपनियों के लिए आउटसोर्सिंग का पसंदीदा जगह है। ट्रंप का 'ब्रिंग जॉब्‍स बैक टु अमेरिका मोदी के 'मेक इन इंडिया' के लिए बड़ी चुनौती है।'