भारतीय सेना के इन हथियारों से कांपता है चीन!

नई दिल्ली (2 अगस्त): चीन के रक्षा मंत्री ने अपनी सेना और देशवासियों को युद्ध के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। हालांकि उनकी यह धमकी साउथ चाइना सी विवाद को लेकर दिखाई दे रही है। लेकिन चीनी रक्षा मंत्री के इस बयान के बाद भारत सरकार भी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहती। चीन के पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना हैं तो भारत के पास भी ऐसे हथियारों का जखीरा है, जिससे ड्रैगन कांपता है।

चीन के पास 23 लाख सैनिकों की फोज हैं तो भारत के पास पांच ऐसे अचूक हथियार है, जिनको लेकर ड्रैगन भारत से भिड़ने से पहले सौ बार सोचेगा।

यह है भारत के अचूक हथियार...

तेजस: सिंगल और डबल सीटर लड़ाकू विमानों की पांचवीं पीढ़ी के विमानों में भारत की ओर से विकसित और भारत में ही निर्मित तेजस पूरी तरह से दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमानों में शामिल हो चुका है। स्टील्थ तकनीक से लैस ये विमान भारत की हर जरूरत को पूरा करेगा, जो भारत की वायुसेना और जलसेना दोनों की ही उपयोग के लिए है। ये हल्का विमान है और बेहद कम समय में ही दुश्मन पर हमला करने में सक्षम है। तेजस कम उंचाई में उड़ान भरकर महज 15 मिनट में पाकिस्तान के किसी भी शहर को तहस नहस कर सकता है। तेजस की सबसे बड़ी खूबी उसका किसी भी मौसम और किसी भी समय उड़ान भरकर हमला करने की है, जिससे भारत पड़ोसी देशों पर किसी भी युद्ध के शुरुआती चरण में भी बढ़त बना लेगा। इसे किसी भी मिसाइल से नहीं गिराया जा सकेगा।

अग्नि 5: अग्नि 5 मिसाइल भारत की सबसे दूर तक मार करने वाली मिसाइल है। ये परमाणु हथियारों को ले जाने में समक्ष होने के साथ ही एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने में भी सक्षम है। अप्रैल 2012 को अग्नि 5 का परीक्षण किया गया, जिसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया। इसकी जद में पूरा चीन आ जाता है। इसकी रेंज 5 हजार 500 किलोमीटर है, जिसे 7 हजार किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है।

ब्रह्मोस: ब्रह्मोस भारत और रूस का संयुक्त उपक्रम है, जिसका नाम भारत की ब्रह्पुत्र और रूस की मॉस्कवा नदी के नाम पर रखा गया है। ये मिसाइल महज 290 किमी तक ही वार करने के सक्षम है, लेकिन सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की श्रेणी में दुनिया की उन गिनी चुनी मिसाइलों में से एक है, जिसे जल, थल, वायु कहीं से भी दागा जा सकता है। इस मिसाइल को दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइल होने का तमगा प्राप्त है, जो रडार की पकड़ में नहीं आती और पलक झपकते ही दुश्मन के निशाने के नेस्तनाबूत कर सकती है। ये मिसाइल सिर्फ 10 मीटर की ऊंचाई पर उड़ने की भी क्षमता रखती है।

एएन-32: एएन-32 विमान वायु सेना के सबसे भरोसेमंद विमानों में से हैं और इन्हें 1984 से 1990 के बीच वायु सेना में शामिल किया गया था। इन विमानों की अब तक केवल दो दुर्घटनाएं हुई हैं। वैसे ये विमान रूस के बने हुए हैं जिसमें दो इंजन होते हैं। ये विमान हर तरह के मौसम में उड़ान भर सकता है। इसका इस्तेमाल हर तरह के मैदानी, पहाड़ी और समुद्री इलाकों में किया जाता रहा है। चाहे वो सैनिकों को पहुंचाने की बात हो या समान के ढ़ोने की।

अपाचे हेलीकॉप्टर: अपाचे हेलीकॉप्टर की खासियत यह है कि यह किसी भी तरह के मौसम में रात को भी लड़ाई में काम आ सकता है। यह एक मिनट से भी कम समय में एक साथ 128 लक्ष्यों पर नजर रखता है। अपाचे हेलीकॉप्टर में टर्बोसाफ्ट इंजन लगे है। इसका वजन 5,165 किलो है, जिसमें 2 सीटें हैं। अपाचे हेलीकॉप्टर में एजीएम-114 हेलीफायर लगे हैं, तो हाइड्रा 70 रॉकेट पॉड्स भी लगे है।