वेस्टर्न पैसिफिक में अपना दबदबा कायम करने में जुटा चीन

नई दिल्ली, (15 जून): पश्चिम प्रशांत महासागर में भारत, जापान और अमेरिका का युद्धाभ्यास चल रहा है। लेकिन अब इस वॉर एक्सरसाइस की जासूसी का मामला सामने आया है। इस युद्धाभ्यास की जासूसी कर रहा है चीन। खबर है कि जब ये युद्धाभ्यास चल रहा था तब अमेरिका के जंगी जहाज के बहुत करीब चीन का एक जहाज पहुंच गया था। हालांकि चीन ने जासूसी से इनकार किया है। 

दुश्मन को चीर देने वाला ये ऐसा युद्धाभ्यास है जिसने पड़ोसी मुल्क चीन की नींद हराम कर दी। तीन देशों का ये ऐसा त्रिकोण है जिसने ड्रैगन को तिलमिला दिया। समंदर में किसी भी देश की दादागीरी को रोकने के लिए पिछले दिनों भारत -जापान और अमेरिका की फौजों ने हाथ मिलाया और फिर ये युद्धाभ्यास किया।

भारत जापान और अमेरिकी नौसेना की तिकड़ी ने जापान के समंदर में अपना दम दिखाया। चार दिन ये एक्सरसाइज़ चली लेकिन इस एक्सरसाइज़ पर पड़ गई चीन की गंदी नजर। खबर है कि बुधवार को चीन ने इस युद्धाभ्यास को देखने के लिए अपना एक जासूस छोड़ा। चीन का एक जासूसी जहाज अमेरिका के ताकतवर एयरक्राफ्ट कैरियर जॉन सी स्टेनिस का पीछा करते हुए उसके पास पहुंच गया।

चीन का जो जहाज अमेरिकी जहाज के पास दिखा वो निरीक्षण करने वाला जहाज है जो चोरी छिपे जापान के जल सीमा में घुस गया। चीन की ओर से ये घुसपैठ तब की गई जब भारत, अमेरिका और जापान का संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहा था। ऐसे में चीन की इस जासूसी भरी सेंधमारी के बाद सवाल उठने लगे हैं।

चीन इस इलाके को अपने जहाजों के रखरखाव की जगह मानता है। ये नौसैनिक अभ्यास उस समय हो रहा है जब अमेरिका और जापान को आशंका है कि चीन दक्षिण चीन सागर में जहाजों और पनडुब्बियों को आगे कर पश्चिम प्रशांत क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है। चीन प्रशांत क्षेत्र को समुद्री रास्तों और सैन्य ताकत के लिहाज से महत्वपूर्ण मानते हुए इस इलाके में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है। 

चीन वेस्टर्न पैसिफिक में अपना दबदबा कायम करने में जुटा है। वो वेस्टर्न पैसिफिक को बाकी दुनिया के लिए अपनी सप्लाई लाइन के रूप में देखता है। इसी वजह से चीन यहां अपनी नौसेनिक शक्ति को बढ़ा रहा है। इसके लिए चीन ने अपनी पनडुब्बियों और जहाजों को साउथ चाइना सी में तैनात किया है।

भारत, जापान और अमेरिका की ज्वाइंट एक्सरसाइज साउथ चाइना सी के करीब ही चल रही है। 10 जून को ये युद्धाभ्यास शुरू हुआ। इसमें तीनों देशों के 30 से ज्यादा जंगी जहाज हिस्सा ले रहे हैं। इसमें अमेरिका का एक लाख टन वजनी एयरक्राफ्ट कैरियर जॉन सी स्टेनिस भी शामिल है। इस पर F-18 फाइटर जेट तैनात किए जा सकते हैं। एक्सरसाइज में 9 दूसरे वॉरशिप्स के साथ ही जापान का एक हेलिकॉप्टर भी शामिल है। 

चीन भारत की बढ़ती शक्ति से भी परेशान है। परेशानी की दूसरी वजह है भारत की जापान और अमेरिका से हो रही दोस्ती। अमेरिका और जापाना दोनों ही देशों के चीन से रिश्ते अच्छे नहीं हैं। जापान और चीन के बीच लंबे समय से समंदर की सीमा पर विवाद चल रहा है। 

चीन वेस्टर्न पैसिफिक पर अपना दावा करता है। यहां के करीब 200 आइलैंड में चीन कब्जा करना चाहता है। जापान ने इस इलाके में रडार स्टेशन और एंटी शिप मिसाइल तैनात की है। जापान अब अमेरिका और भारत के साथ मिलकर चीन को घेरने की कोशिश कर रहा है। 

भारत ने भी अमेरिका और जापान के साथ इस युद्धाभ्यास में हिस्सा लेकर चीन को जबरदस्त वॉर्निंग दी है। हिंद महासागर में भी चीन दखलअंदाजी करके भारत को परेशान करने की कोशिश करता है, लेकिन अब चीन को सावधान रहने की जरूरत है।