दलाई लामा की त्वांग यात्रा से चिढ़े चीन ने दी गीदड़ भभकी

नई दिल्ली (5 अप्रैल) दलाई लामा की प्रस्तावित तवांग यात्रा से चीन बुरी तरह चिढ़ गया है। अब चीनी विदेश मंत्रालय ने कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए भारतीय राजदूत विजय गोखले को समन भेजा है। चीन के विदेश प्रवक्ता हुआ शुनिंग ने कहा, 'हम भारत से मांग करते हैं कि वह तिब्बती धर्मगुरु का सहारा लेकर ऐसा कुछ भी न करे, जो चीन के हित में न हो। साथ ही हम भारत से यह भी मांग करते हैं कि भारत और चीन के बीच के संवेदनशील मुद्दों को बेवजह तूल न दिया जाए।'

2008 के बाद यह पहला मौका है जब भारतीय राजदूत को चीनी विदेश मंत्रालय ने समन भेजा है। साल 2008 में तत्कालीन राजदूत निरुपमा राव को चीन ने तब समन भेजा था, जब चीन में होने वाले ओलिंपिक का नई दिल्ली में तिब्बती शरणार्थी विरोध कर रहे थे। चीनी विदेश प्रवक्ता ने कहा, 'भारत चीन के हितों की लगातार अनदेखी कर दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा को प्रायोजित कर रहा है। भारत का यह कदम चीन के हितों और दोनों देशों के संबंधों को नुकसान पहुंचा रहा है।'

उधर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा, 'अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है। चीन को दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए और न ही उसे भारत के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करना चाहिए।