रिपोर्ट में दावा, चीन ने किया 10 परमाणु बम वाले मिसाइल का परीक्षण

नई दिल्ली ( 2 फरवरी ): चीन ने एक ऐसे नई मिसाइल का परीक्षण किया है, जो एक बार में 10 न्यूक्लियर वॉरहेड्स तक ले जा सकता है। एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद चीन और यूएस के बीच भविष्य में वर्चस्व की जंग  छिड़ने की आशंका है और इस यह एक अहम घटना कही जा रही है।

द वॉशिंगटन फ्री बीकन की रिपोर्ट में कहा गया है कि बीते महीने DF-5C मिसाइल का परीक्षण किया गया। इसमें 10 मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल रीएंट्री वीइकल्स (MIRV) का इस्तेमाल किया गया है। एमआईआरवी बलिस्टिक मिसाइलों में इस्तेमाल होने वाला एक ऐसा सिंगल सिस्टम है, जिसमें कई वॉरहेड्स होते हैं। ये वॉरहेड्स लक्ष्यों के समूह में से हर को अलग-अलग निशाना बनाने में सक्षम होते हैं। वहीं, पारंपरिक वॉरहेड सिर्फ एक लक्ष्य को निशाना बना सकता है।

मिसाइल परीक्षण की रिपोर्ट में दो अधिकारियों ने कहा है कि इस बारे में अमेरिका को जानकारी है और यूएस इंटेलिजेंस एजेंसियों के लोग नजदीक से पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, DF-5C या डॉन्गफेंग-5C मिसाइल का परीक्षण चीन के शान्शी प्रांत स्थित ताइयुएन स्पेस लॉन्च सेंटर से किया गया। मिसाइल पश्चिमी चीन के एक रेगिस्तान में जाकर गिरा। यह मिसाइल अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल डीएफ-5 का ही नया वर्जन है। डीएफ-5 को 80 के दशक में ही चीन की सेना में शामिल कर लिया गया था।

रिपोर्ट में पेंटागन के प्रवक्ता कमांडर गैरी रॉस के हवाले से कहा गया है, 'डिफेंस डिपार्टमेंट नियमित तौर पर चीनी सेना से जुड़े घटनाक्रमों और पीएलए को लेकर हमारे डिफेंस प्लान से जुड़े मामलों पर नजर रखता है।'

बता दें कि अमेरिका का दशकों पुराना आकलन है कि चीन के पास परमाणु आयुधों की संख्या 250 के करीब है। हालांकि, वॉरहेड वाले मिसाइल के टेस्ट से जुड़ी खबरों से इस बात के संकेत मिलते हैं कि न्यूक्लियर वॉरहेड्स से जुड़ी यह तादाद बढ़ भी सकती है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने बीते साल फरवरी से ही पुराने डीएफ-5 मिसाइलों में वॉरहेड्स का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।