उरी हमले पर भारत को दुनिया भर के समर्थन से डरा चीन, बोला पाकिस्तान को 'समझाना' पड़ेगा

नई दिल्ली (20 सितंबर): उरी हमले के बाद जैसे-जैसे दुनिया के दशों की भारत के प्रति सहानुभूति और पाकिस्तान के लिए नाराज़गी से भरी प्रतिक्रियाएं आ रहीं हैं उससे पाकिस्तान से ज्यादा चीन घबराया हुआ है।

- रूस, अमेरिका, जापान, इजराइल के बाद फ्रांस, कनाडा, अफगानिस्तान और खुद यूनाईटेड नेशंस ने भी पाकिस्तान पर भ्रकुटि तान ली हैं।

- दुनिया में भर में भारत का पक्ष मजबूत होने से चीन को डर लगने लगा है कि पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत के आक्रामक रुख अपना सकता है।

- जिससे उसके 46 बिलियन डॉलर के सीपेक प्रोजेक्ट पर पानी फिर जायेगा।

- इन्हीं सब बातों से खौफ खाये चीन ने संकेत दिये हैं कि वो भारत में आतंकी हमला करने वालों पर लगाम लगाए।

- चीन के विदेश मंत्रालय संबद्ध चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ कॉनटम्पोरेरी इंटरनेशनल रिलेशंस के डायरेक्टर हु शीशेंग ने कहा  कि उरी हमले की कठोर तरीके से  भर्त्सना करनी चाहिए।

- उन्होंने कहा, चीन को अगर अपना बहुआयामी सीपेक प्रोजेक्ट बचाना है तो इस मुद्दे पर पाकिस्तान से बात करनी ही होगी।

- हु ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत में लगातार बढ़ रहे आतंकी हमलों पर चीन अपनी चिंता से पाक को अवगत करायेगा।

- उन्होंने कहा भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की लाहौर यात्रा से क्षेत्र में शांति और सद्भाव की उम्मीद जगी थीं.

- लेकिन पठानकोट हमले ने मोदी के प्रयास को बर्बाद कर दिया।

- इसके बाद रही-सही कसर उरी के हमले ने निकाल दी है।

- हु ने कहा, उरी हमले का असर सार्क शिखऱ सम्मेलन और उससे पहले गोवा में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन पर भी पड़ सकता है।