राष्ट्रपति साई पर दबाव बनाने के लिए चीन ने ताईवान से संपर्क बंद किया

नई दिल्ली (25 जून): ताईवान की नवनियुक्त राष्ट्रपति साई इंग वेन को चीन विरोधी बताते हुए चीन की सरकार ने ताईवान से सारे संपर्क बंद कर दिये हैं। आज़ादी समर्थक डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी की नेता साई ने राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद कहा था कि वो चीन के साथ यथास्थिति बनाये रखने के पक्ष में है। लेकिन चीन की सरकार को साई पर विश्वास नहीं है। चीन की कम्युनिस्ट सरकार का कहना है कि 1992 में हुए समझौते को ताईवान की राष्ट्रपति अपने नजिरये से देखती हैं। शिनहुआ न्यूज़ एजेंसी ने चीन-ताईवान अफेयर ऑफिस ने कहा है कि 20 मई को शपथ लेन के बाद से अब तक साई ने 1992 के समझौते को मानने के संकेत भी नहीं दिये हैं।

चीन की तरफ से ताइवान के खिलाफ बयान वाजी कम्बोडिया से चीन को 25 ताईवानियों के प्रत्यार्पण के बाद आया है। ताईवान का कहना था कि ये ताईवानी नागरिक हैं उन्हें चीन को प्रत्यार्पित करना गलत है। ताईवान सरकार से मिली जानकारी के अनुसार किसी भी देश से ताईवानियों के प्रत्यर्पण के मामलों में चीन सरकार को पहले उनसे संपर्क करना चाहिए था। इस पर चीन की तरफ से जवाब आया कि उन्होंने साई सरकार से संपर्क करना बंद कर दिया हैं।