NIA के चार्जशीट के बावजूद आतंकवादी मसूद अजहर को लेकर अपने रुख पर कायम है चीन

नई दिल्ली ( 21 दिसंबर ): पठानकोट आतंकवादी हमला मामले में मसूद अजहर के खिलाफ आरोपपत्र दायर करने के भारत के कदम का चीन पर कोई असर पड़ता नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि उसने आज कहा कि जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख पर संयुक्त राष्ट्र पाबंदी लगाने से संबंधित भारत का कोई भी कदम सुरक्षा परिषद द्वारा निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप होना चाहिए। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने पठानकोट में वायुसेना स्टेशन पर आतंकवादी हमले के मामले में एनएआइ द्वारा आरोपपत्र में अजहर को सूचीबद्ध किये जाने के सवाल के जवाब में कहा, ‘‘1267 समिति में सूचीबद्ध करने के प्रश्न पर मैं कई बार चीन का रुख प्रकट कर चुका हूं।'

मसूद अजहर पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख है। हुआ ने यहां एक लिखित जवाब में कहा, ‘‘1267 समिति में सूचीबद्ध करने का कदम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों एवं समिति के प्रक्रिया नियम के तहत होना चाहिए।' एनआइए ने अजहर, उसके भाई और दो अन्य के खिलाफ पठानकोट हमले की साजिश रचने को लेकर सोमवार को आरोपपत्र दायर किया था। इस हमले में सात सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे जबकि 37 अन्य घायल हुए थे।

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता का जवाब ऐसे वक्त आया है जब सुरक्षा परिषद के 1267 समिति नियमों के तहत अजहर को आतंकवादी घोषित करने के भारत के कदम पर चीन का तकनीकी स्थगन इसी महीने के आखिर में समाप्त होगा।

सुरक्षा परिषद में वीटो पावर वाले चीन ने परिषद की प्रतिबंध समिति के तहत अजहर पर पाबंदी लगाने की भारत की कोशिश इकत्तीस मार्च को रोक दी थी।