54 साल से भारत में फंसा है चीन का यह सैनिक

नई दिल्ली(4 फरवरी): 1963 में सीमा पार कर भारत में घुस आया चीन का एक सैनिक वापस लौटकर अपने देश नहीं जा पाया। वह 50 साल से भी अधिक समय से भारत में ही रह रहा है। इतने सालों में पहली बार उसने चीन में अपने भाई से फोन पर बात की। इस बात की जानकारी मिलने के बाद चीन ने कहा है कि वह अपने इस सैनिक को वापस लाने के लिए भारत के साथ मिलकर कोशिश रहा है। इस सैनिक का नाम वांग ची है। चीन की मीडिया ने इस बारे में रिपोर्ट करते हुए कहा कि वांग के वापस लौटने से दोनों देशों के आपसी रिश्ते मजबूत होंगे। वांग भारत में राज बहादुर की पहचान के साथ रह रहा है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने बताया कि उन्हें वांग के मामले की जानकारी है। कांग ने कहा, 'हमें यकीन है स्वदेश लौटने की वांग की इच्छा का सम्मान करते हुए भारत और चीन की साझा कोशिशों से इस मामले को सुलझाया जा सकता है।' वांग की उम्र अब 77 साल हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक, चीन-भारत युद्ध के कुछ हफ्तों बाद ही जनवरी 1963 में उसे भारतीय सीमा के अंदर पकड़ा गया था। उसने कई साल भारतीय जेलों में गुजारे। फिर 1969 में अदालत के फैसले के बाद उसे रिहा कर दिया गया। पुलिस उसे मध्य प्रदेश के तिरोदी गांव लेकर चली गई। वांग तब से इसी गांव में रह रहा है।

वांग ने भारत सरकार और पेइचिंग से इजाजत मांगी है, ताकि वह चीन जाकर अपने भाई-बहनों से मिल सके। वांग का मामला भारत और चीन, दोनों के लिए ही काफी उलझा हुआ है। 1969 में रिहा होने के बाद वह तिरोदी में बस गया। वहां उसने एक स्थानीय युवती से शादी की और उसके तीन बच्चे हैं। एक बार चीन जाने के बाद वह लौटकर भारत आएगा या नहीं, यह सोचकर उसका परिवार काफी परेशान है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, 'हम इस मामले का ब्योरा जानने के लिए गृह मंत्रालय के साथ संपर्क में हैं। इस केस को बेहतर तरीके से कैसे सुलझाया जा सके, इसपर भी विचार किया जा रहा है।'

हाल ही में BBC ने वांग के बारे में खबर की थी। इसके बाद यह मामला चीन की मीडिया ने उठाया। BBC पत्रकार की ही मदद से वांग ने अपने भाई से विडियो कॉल द्वारा बातचीत की। वांग के भाई की उम्र अब 84 साल हो गई है। दोनों ने 17 मिनट तक बात की। भाई से बात करने के बाद वांग ने कहा, 'मैं उन्हें पहचान नहीं पाया। वह बहुत बूढ़े लग रहे थे। उन्होंने कहा कि वह बस मेरे लिए ही जिंदा हैं।' साल 2014 में वांग को चीनी पासपोर्ट जारी किया गया, लेकिन उन्हें अभी भी चीन जाने की अनुमति नहीं मिल पाई है।