'एनएसजी के मुद्दे पर चीन का रुख सकारात्मक'

नई दिल्ली (31 अक्टूबर):  चीन ने एनएसजी में भारत की सदस्यता का मसला पाकिस्तान की दोस्ती के बहाने कम बल्कि अपने स्वार्थों के लिए ज्यादा अटका रखा है। दरअसल, चीन भारत से 51 बिलियन डॉलर वाले प्रोजेक्ट चाइना-पाक इकोनॉमिक कॉरि़डोर की सुरक्षा का पुख्ता भरोसा चाहता है। जबकि भारत ने गिलगिट-बाल्टिस्तान से गुजर रहे इस कॉरिडोर के निर्माण पर पहले से विरोध जता रखा है। भारत का पक्ष है कि पीओके और गिलगिट-बाल्टिस्तान भारत के हिस्से हैं। जिनपर पाकिस्तान अवैध कब्जा किये बैठा है। इन विवादित क्षेत्रों में चीन को अपनी गतिविधियां नहीं चलानी चाहिए।

बहरहाल, दिसम्बर में संभावित एनएसजी की बैठक से पहले भारत की ओर से अमनदीप सिंह गिल और चीन के वान कुंग ने बीजिंग में  दूसरे दौर की वार्ता की। इस वार्ता के बाद दोनों अधिकारियों ने कहा कि यह बैठक  ‘ठोस और रचनात्मक’ रही। इससे पहले 13 सितंबर को नई दिल्ली में इस तरह की पहली बैठक के बाद भारत और चीन की बीजिंग में  दूसरे दौर की वार्ता थी। इस वार्ता की अध्यक्षता अर्जेंटीना के राजदूत राफेल ग्रोस्सी ने की।