चीन हुआ परेशान, इस मामले में भारत से पिछड़ा

नई दिल्ली (5 मार्च): नोटबंदी के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था की गति कम होने का अनुमान था, लेकिन फिर भी इसने अक्टूबर-दिसंबर में 7.1 फीसदी का आंकड़ा छुआ। वहीं इससे अलग दुनिया को अकड़ दिखाने वाला चीन इस मामले में भारत से पिछड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।

चीन ने 2017 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि का लक्ष्य करीब 6.5 फीसदी रखा। चीन ने पिछले वर्ष 6.5 से 7 फीसदी का लक्ष्य रखा था। दूसरी ओर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर सात प्रतिशत रही है। चीन की शीर्ष विधायिका नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के वार्षिक सत्र के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ली क्विंग ने ये रिपोर्ट पेश की।

वर्ष 2016 में चीन की वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही थी। यह पिछले 26 साल का सबसे निचला स्तर था। 2015 में चीन की वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रही थी। हालांकि इस साल के लिए चीन ने शहरी क्षेत्रों में 1.1 करोड़ रोजगार देने का लक्ष्य रखा है, जो 2016 की तुलना में 10 लाख अधिक है।

नौकरियों में भारी कटौती...

- चीन ने हाल में पांच लाख नौकरियों में कटौती की घोषणा की थी और उन्हें अन्य स्थानों पर रोजगार देने का वादा किया था।

- प्रत्येक साल चीन में 70 लाख स्नातक रोजगार बाजार में आते हैं।

- ली ने कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था धीमी पर सतत वृद्धि दर्ज कर रही है।

- पिछले साल चीन का सकल घरेलू उत्पाद 74,400 अरब युआन या 11,000 डॉलर पर पहुंच गया, जो 6.7 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है।