चीन में सुप्रीम कोर्ट ने कर्जदारों को किया ब्लैकलिस्ट, अब नहीं कर पाएंगे ये काम

बीजिंग (21 फरवरी): चीन के सर्वोच्च न्यायालय  ने कर्ज न चुकाने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने का आदेश दिया। इस तरह के आदेश के बाद अब कर्जदार न तो हवाई सफर कर सकेंगे और न ही बुलेट ट्रेन की सवारी कर सकेंगे। इन लोगों का इस तरह से बहिष्कार करने के आदेश दिए गए कि उनके बच्चों को निजी विद्यालय  में एडमिशन नहीं मिलेगा। ये लोग न तो बुलेट रेल में सफर कर पाऐंगे और न ही होटल में ठहरेंगे।

इतना ही नहीं वे किराए के मकान भी नहीं ले सकेंगे। इतना ही नहीं इन लोगों के निजी आईडी लॉ हो जाऐंगे। कर्ज न देने वालों को हवाई यात्रा भी नहीं करने दी जाएगी।सर्वोच्च न्यायालय ने वेबसाईट पर कर्ज न चुका पाने वालों की सूची जारी कर दी थी। गौरतलब है कि इस देश में लगभग 67 लाख लोगों ने बैंक और अन्य संस्थाओं से कर्ज लिया।

चीन में करीब 67 लाख ऐसे लोग हैं जिन्होंने बैंक या सरकारी संस्थाओं से कर्ज लिया है। साल 2013 में जारी की गई इस ब्लैक लिस्ट में सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा है कि लोगों को देश की आर्थिक छवि को सुधारने में मदद करनी चाहिए। कोर्ट के इस आदेश के बाद चीन के कुल 44 संस्थानों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत कर्जदारों पर पाबंदियां लगाई जाएंगी।

कर्जदार नहीं कर पाएंगे ये काम...

- सुप्रीम कोर्ट ने हवाई सफर पर लगाई रोक

- डिफॉल्टर्स बुलेट ट्रेन में नहीं कर सकेंगे सवारी

- होटल में रुकना या किराए पर मकान लेने पर रोक

- कर्जदारों के बच्चों को प्राइवेट स्कूल में एडमिशन नहीं

- सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे लोगों के पर्सनल आईडी नंबर ब्लॉक करने का आदेश दिया है।