भारत के आगे झुका चीन, बदलेगा इकोनॉमिक कॉरिडोर का नाम!


नई दिल्ली(8 मई): चीन ने पहली बार भारत की चिंताओं के मद्देनजर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) का नाम बदलने की पेशकश रखी है। भारत में चीन के राजदूत लुओ झाओहुई ने कहा है कि है कि CPEC का संप्रभुता से जुड़े मुद्दों से कोई ताल्लुक नहीं है।


- उन्होंने भारत-चीन के बीच मतभदों को दूर करने के लिए चार सूत्रीय प्रस्ताव भी रखा है।


- बता दें कि चीन-पाक आर्थिक गलियारा वन बेल्ट वन रोड (OBOR) का ही हिस्सा है, जिस पर भारत अपनी आपत्ति जताता रहा है। भारत ने OBOR में शामिल होने की चीन की अपील को भी अबतक कोई तवज्जो नहीं दी है।


- यूनाइडेट सर्विस इंस्टिट्यूशन ऑफ इंडिया के कार्यक्रम में झाओहुई ने कहा, 'OBOR पर भारत की कुछ चिंताएं हैं। भारत का कहना है कि CPEC पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरेगा, जो हमारी संप्रभुता के लिए खतरा होगा। चीन की मंशा संप्रभुता और भारत-पाकिस्तान के सीमा विवाद में पड़ने की नहीं है। चीन मानता है कि दोनों देशों को विवाद के मुद्दे द्विपक्षीय बातचीत से सुलझाने चाहिए। CPEC का मकसद आर्थिक सहयोगी और कनेक्टिविटी को बढ़ाना है।'


- उन्होंने आगे कहा, 'CPEC का संप्रभुता से जुड़े मुद्दों से न तो कोई संबंध नहीं है और न ही इसका उसपर कोई असर होगा। यहां तक कि हम CPEC का नाम बदलने की भी सोच सकते हैं। चीन और भारत के पास द्विपक्षीय संबंधों के जरिए संप्रभुता के विवाद को अलग रखने का सफल अनुभव रहा है। OBOR पर भारत को लेकर चीन की मंशा सही है और यह दोनों देशों के अच्छा है।'