चीन और सऊदी अरब की सेनाओं ने किया पहला युद्धाभ्यास

नई दिल्ली (27 अक्टूबर): चीन और सऊदी अरब के विशेष सैन्य बलों ने आतंकवाद विरोधी पहला संयुक्त सैनिक अभ्यास किया है। यह खबर आज चीन की सरकारी मीडिया ने दी। पश्चिम एशिया तथा पड़ोसी मुस्लिम देशों के साथ अपना सुरक्षा सम्पर्क बढ़ाने का यह चीन का ताजा प्रयास है।

चीन का कहना है कि आतंकवाद का अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार हो चुका है और इससे उसकी कम्पनियों तथा नागरिकों को लिये खतरा बढ़ रहा है। इसे देखते हुए चीन की सरकार अब पश्चिम एशिया जैसे क्षेत्रों से जो आतंकवाद के केन्द्र हो सकते हैं, अपना कूटनीतिक सम्पर्क बढ़ा रही है।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस वर्ष के प्रारंभ में सऊदी अरब की यात्रा की थी और उनकी इस यात्रा के दौरान सुरक्षा सहयोग बढ़ाने का निश्चय किया गया था।

चीन तथा सऊदी अरब के विशेष सैन्य बलों के संयुक्त सैनिक अभ्यास में, जो 10 अक्टूबर से दो सप्ताह तक चला दोनों देशों के 25-25 सैनिकों ने भाग लिया। इसमें आतंकवाद से निपटने के तरीकों का अभ्यास किया गया। यह खबर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के अखबार  ने दी है1